बैंकों से खुफिया एजेंसी ने मांगा जनधन खाते का हिसाब

  • अब तक जमा हो चुके है 21 हजार करोड़ रुपये

दिल्ली। नोटबंदी के बाद जनधन बैंक खातों में अचानक जमा हुई धनराशि पर वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू)ने बैंकों से हिसाब मांगा है। एजेंसी इन खातों में किए गए सभी संदिग्ध लेन-देन का पूरा ब्योरा इक_ा करने के लिए अभियान शुरू किया है।
वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाला एफआईयू ने सभी सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बैंकों को इस संदर्भ में पत्र भेजकर इन खातों में राशि तथा लेन-देन गतिविधियों का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा है। पत्र में 9 नवंबर से लेन-देन गतिविधियों के साथ 8 नवंबर तक जमा राशि के बारे में पूरा ब्योरा देने को कहा है। गौरतलब है कि 8 नवंबर को मोदी सरकार ने 500 और 1,000 रुपये के नोट पर पाबंदी लगा दी थी। 20 नवंबर तक एजेंसी को करीब छह करोड़ जनधन खातों के संदर्भ में जवाब मिल चुका है और इस ब्योरे को अब आयकर विभाग समेत विभिन्न एजेंसियों को भेजा जा रहा है। कर विभाग ने लोगों को कालाधन दूसरे के खाते में डालने को लेकर आगाह किया था। ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत जुर्माना तथा अधिकतम सात साल का सश्रम कारावास हो सकता है। पिछले 13 दिनों में इन खातों में इस दौरान 21,000 करोड़ रुपये जमा किए गए है। इस मामले में पश्चिम बंगाल सबसे आगे हैं जबकि कर्नाटक दूसरे नंबर पर है।

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