बसपा से नाता तोडऩे वाले पार्टी के लिए बन रहे मुसीबत

पूर्व मंत्री कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा समेत सैकड़ों लोगों ने बसपा छोड़ कर थामा भाजपा का दामन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान सभा चुनाव से पूर्व बसपा छोडऩे वालों का सिलसिला जारी है। बसपा छोडऩे वाले अधिकांश लोग बीजेपी में शामिल हो रहे हैं, जो भी नेता बसपा से अलग हो रहा है। वह पार्टी की नीतियों से अच्छी तरह वाकिफ है। इसलिए बीजेपी में शामिल होने के साथ ही बसपा के वोट बैंक में सेंध लगाने की तरकीबें भी बता रहा है। इसलिए बसपा सुप्रीमो के लिए पार्टी से अलग होने वाले नेता आने वाले समय में मुसीबत बन रहे हैं। वहीं मंगलवार को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने बसपा से नाता तोडऩे वाले सैकड़ों नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करवाया।
बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती आगामी विधानसभा चुनाव में खुद को सबसे मजबूत विकल्प साबित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहीं हैं। दलित, मुस्लिम व ब्राह्मïण गठजोड़ के सहारे सत्ता हासिल करने की सभी जुगत भिड़ा रहीं हैं। लेकिन उनकी सारी रणनीतियों और कोशिशों को उन्हीं की पार्टी के सिपहसालार नाकाम करने में जुटे हैं। एक-एक करके पार्टी के मजबूत व वरिष्ठï नेता उनका साथ छोड़ते जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में पूर्व मंत्री आजमगढ़ निवासी कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा, छह बार विधायक रहे हरदोई के रामपाल वर्मा, रायबरेली के पूर्व एमएलसी राकेश प्रताप सिंह, दरियाबाद (बाराबंकी) के ब्लाक प्रमुख सुधीर कुमार सिंह एवं हरदोई के राजाबक्श सिंह ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ बहुजन समाज पार्टी छोडक़र भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक, मुख्य प्रवक्ता हृदय नरायण दीक्षित, प्रवक्ता हरीशचन्द्र श्रीवास्तव और प्रदेश सहमीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित उपस्थित रहे।

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