बसपा किसी से नहीं करेगी गठबंधन: मायावती

  • केंद्र ने वादे पूरे किए होते तो न निकालनी पड़ती परिवर्तन यात्रा
  • सपा में गठबंधन की चर्चा पर भी किए कटाक्ष

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने विपक्षी दलों पर चुन-चुन कर प्रहार किया। उन्होंने भाजपा की परिवर्तन यात्रा व सपा के विकास रथयात्रा पर फिर निशाना साधा है। बसपा सुप्रीमो ने कहा है कि बसपा किसी से गठबंधन नहीं करेगी। यदि भाजपा की केंद्र सरकार ने अपने वादे पूरे किए होते तो उसे यात्रा निकालने की जरूरत न पड़ती। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त की होती तो सपा को गठबंधन करने की आवश्यकता न होती।
प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद मायावती ने पत्रकार वार्ता में एनडीटीवी न्यूज चैनल पर लगाए गए प्रतिबंध की भी तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश की सीमा असुरक्षित है। आपातकाल जैसी स्थिति बन गई है। सीमा पर तैनात जवान आए दिन शहीद हो रहे हैं। मोदी सरकार ने ढाई साल के कार्यकाल में अपने वादों का एक तिहाई भी पूरा नहीं किया। अगर किया होता तो उसे आज परिवर्तन यात्रा निकालने की जरूरत न होती। उन्होंने प्रदेश में महागठबंधन होने की सुगबुगाहट पर तंज कसते हुए कहा कि यह रणनीति केवल हौव्वा खड़ा करने का प्रयास है। सीमित सीट वाली पार्टियों से गठबंधन करने से फायदा नहीं होगा। उन्होंने मुसलमानों को चेताते हुए कहा कि सपा को वोट देने का मतलब भाजपा को लाभ पहुंचाने जैसा है। पार्टी मुखिया ने कहा कि भाजपा व सपा की आपसी मिलीभगत से प्रदेश में दंगे हुए। इससे सपा के दोबारा सत्ता में आने का ख्वाब पूरा नहीं होगा। बीजेपी के दलित प्रेम पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने दलितों के लिए कुछ नहीं किया है। भाजपा चाहे जितना पापड़ बेल ले उसे दलितों का एक भी वोट मिलने वाला नहीं है। मायावती ने साफ किया है कि उनकी पार्टी किसी भी दल से गठबंधन नहीं करेगी और न ही किसी महागठबंधन में शामिल होगी।

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