बनारस में गंगा सफाई के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी बांटेंगे ई-नाव

  • अस्सी घाट पर निषाद-मल्लाह बिरादरी के लोगों से रूबरू होंगे पीएम मोदी 
  • ई- नावों से नहीं होगा गंगा में प्रदूषण

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
वाराणसी। साल 2017 के चुनावों के मद्देनजर प्रदेश में भाजपा की कवायद को तेज करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह से अभी से जुट गए हैं। इसके लिए भाजपा का पूरा जोर पिछड़ा वर्ग पर है। इसके साथ ही गंगा के जरिए वह लोगों में अपनी पैठ बनाने का काम करेंगे। गंगा सफाई के लिए पीएम मोदी निषाद समाज में ई-नाव भी बांटेंगे। जिससे पार्टी को गंगा सफाई पर विपक्ष से निपटने में मदद मिलेगी।
एक मई को यूपी दौरे पर जा रहे पीएम मोदी का जोर सोशल गणित साधने पर रहेगा। इसे ध्यान में रखते हुए ही उनके कार्यक्रम तय किए गए हैं। इस अवसर पर गंगा स्वच्छता के प्रयास को बढ़ावा देने के लिए वे निषाद और मल्लाह बिरादरी के लोगों को ई-नाव भेंट करेंगे। ये ऐसी नावें हैं जिनके चलने से गंगा में प्रदूषण नहीं होगा। माना जा रहा है कि ऐसे नावों के चलन से गंगा को प्रदूषण से मुक्त कराने में सफलता मिलेगी। हालांकि शुरुआती दौर में 11 ई-नावों का वितरण होगा। इसके बाद इनकी संख्या बढ़ेगी।
गंगा मुक्ति के जरिए निषाद -मल्लाह बिरादरी के लोगों से पीएम की सीधी मुलाकात को भाजपा के सोशल इंजिनियरिंग को साधने के गणित से जोडक़र देखा जा रहा है। दूसरी ओर बलिया में पीएम मोदी के जरिए होने वाले पीएम उज्ज्वला योजना लांच कार्यक्रम के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक रखी है। रैली की तैयारियों पर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की भी नजर है।
राज्य प्रभारी ओम माथुर ने कार्यकर्ताओं की बैठक और रैली स्थल का मुआयना करने के बाद शाह को तैयारियों पर रिपोर्ट दी है। इसके बाद शाह ने भी प्रदेश नेताओं को भारी संख्या में भीड़ जुटाने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि पूरे पूर्वांचल (यूपी और बिहार के हिस्से) से बलिया में भीड़ जुटाई जाएगी। पूर्वी यूपी के हरेक विधानसभा से 20 बसें भरने की व्यवस्था की गई है। आम आदमी को रिझाने की कवायद में पीएम मोदी बलिया में पीएम उज्ज्वला योजना लांच के बाद 1 मई की शाम को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गरीबों के बीच 1100 ई-रिक्शा का वितरण करेंगे। देर शाम अस्सी घाट पर वे निषाद बिरादरी के लोगों से रूबरू होंगे। गंगा स्वच्छता में उनकी अहमियत बताते हुए पीएम मोदी निषाद- मल्लाह बिरादरी के लोगों को गंगा को प्रदूषण से मुक्त कराने के उपाय भी बताएंगे। सीधी चर्चा के जरिए पीएम मोदी उनका दर्द भी सुनेंगे।

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