फार्मासिस्टों की जायज मांगों को जरूर पूरा किया जायेगा: आलोक रंजन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार आलोक रंजन ने फार्मासिस्टों की राजपत्रित अधिकारी का दर्जा और अस्पताल में बैठने के लिए अलग जगह देने की मांग पूरा कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में फार्मासिस्टों का बहुत बड़ा योगदान है, इसलिए उनकी मांगों पर सरकार भी गंभीर है।
आलोक रंजन शुक्रवार को डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन के तत्वावधान में वीरांगना अवंतीबाई महिला चिकित्सालय (डफरिन) में आयोजित अभिनंदन समारोह व प्रथम द्विवार्षिक अधिवेशन में बतौर विशिष्ट अतिथि के रुप में मौजूद थे। उन्हें संघ की तरफ से दो सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें पहली मांग थी एसोसिएशन को एक कार्यालय बलरामपुर चिकित्सालय या किसी सुविधानुसार जगह पर आवंटित किया जाये। इसके अतिरिक्त फार्मेसिस्ट पद पर निरन्तर 10 वर्ष की सेवा करने एवं प्रथम प्रोन्नति वेतनमान के साथ राजपत्रित पद का वेतनमान मिलने पर उनको राजपत्रित घोषित किया जाय।
इस अवसर पर वीरांगना अवंतीबाई महिला चिकित्सालय (डफरिन) की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सविता भट्ट ने सार्वजनिक तौर पर आलोक रंजन से मांग करते हुए कहा कि कई सालों से कागजों पर अस्पताल में 326 बेड दिखाये गये हैं, लेकिन हकीकत में 226 बेड ही हैं। अस्पताल में 140 प्रतिशत मरीजों की भर्ती पहुंच चुकी हैं, ऐसी स्थिति में एक बेड पर दो मरीज एडमिट करना मजबूरी है। सौ बिस्तर बढ़ाने की कवायद चल रही है। लेकिन चिकित्सकों की कमी के चलते मरीजों के इलाज में समस्या आ रही है। मानकों पर ध्यान दें तो सौ बेडों के सरकारी अस्पताल में यहां से अधिक डॉक्टर तैनात किये गये हैं। इसके अलावा एक ऑडिटोरियम का रेनोवेशन कराया जाना आवश्यक है।

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