प्रधानों का राजधानी में जोरदार प्रदर्शन

  • प्रधानों ने विधायकों के बराबर मांगा वेतन
  • आकस्मिक निधन पर की 20 लाख रुपये के मुआवजे की मांग

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। अखिल भारतीय प्रधान संगठन के बैनर तले सूबे के 75 जिलों के ग्राम प्रधानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान 822 ब्लाकों से आये 59163 ग्राम पंचायतों के शक्ति प्रदर्शन के कारण लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ा। वहीं प्रधानों के व्यापक प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे।
संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश यादव के मुताबिक प्रदेश भर की ग्राम पंचायतों में ग्राम स्वरोजगार जागृति अभियान के तहत प्रधान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन चला रहे हैं। इसमें संविधान में वर्णित बिन्दुओं के अनुसार पंचायतों को अधिकार सौंपने, देश भर में एक समान पंचायत राज व्यवस्था लागू करने, सांसदों और विधायकों की तर्ज पर वेतनमान, कार्यकाल समाप्त होने पर पेंशन और आकस्मिक निधन होने पर 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग शामिल है। इसके अलावा सामाजिक आर्थिक सर्वे में व्याप्त खामियों को दूर कर पंचायतों के लाभार्थियों को लाभ दिलाने की बात की गई है। गौरतलब हो कि इससे पूर्व ग्राम प्रधानों से प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पंचायती राज चंचल तिवारी को सरकारी गाड़ी के साथ करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बना लिया गया था। उन्हें छुड़ाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इसलिए आज ग्राम प्रधानों के धरने में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। जबकि ग्राम प्रधानों की हजारों की भीड़ और बाहर से आने वाली गाडिय़ों के कारण लक्ष्मण मेला पार्क और उसके आस-पास के क्षेत्रों में लंबा जाम लगा रहा। ट्रैफिक पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी लोग घंटों जाम में फंसे रहे।

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