पैरों पर लोटने से भी सीएम के दिल में जगह नहीं बना पाए गायत्री

  • सीएम ने किनारा किया परिवहन विभाग के कार्यक्रम से, गायत्री के साथ मंच साझा नहीं करना चाहते अखिलेश
  • दोबारा शपथ लेने पर चार बार सीएम के पैर छूए थे गायत्री ने
  • कल फिर पैर छूए गायत्री ने तो सीएम ने फेर लिया मुंह

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। गायत्री प्रजापति ने लगता है मानो शर्म से किनारा कर लिया है। पार्टी से बर्खास्त होने के बाद भले पार्टी दफ्तर में सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें धक्के देकर बाहर निकाला हो या फिर सीएम आवास पर विधायकों ने उनकी जबरदस्त हूटिंग की हो। अपनी कुर्सी बचाये रखने के लिए गायत्री हमेशा सीएम के चरणों को छूने के लिए बेताब रहते हैं। आज परिवहन विभाग के कार्यक्रम में सीएम को आना था मगर सीएम इस बदनाम मंत्री के साथ मंच साझा नहीं करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने इस कार्यक्रम से ही किनारा कर लिया। कल भी यश भारती कार्यक्रम में जब गायत्री सीएम के चरण छूने के लिए लपके तो सीएम ने दूसरी तरफ मुंह घुमा लिया। मगर गायत्री पर लगता है मानो इन सब बातों का कोई असर ही नहीं पड़ता।
गायत्री को पता है कि इस बार भी उनकी कुर्सी बहुत मुश्किल से बची है। वह यह भी जनते हैं कि अखिलेश यादव को जब भी मौका मिला तब वे गायत्री को निपटा ही देंगे। गायत्री को लगता है कि सीएम के पैरों पर लोटकर वह शायद अपनी कुर्सी बचा सकें।
गायत्री के इस आचरण से पार्टी की बदनामी हो रही है। सब जानते हैं कि इस सरकार को अगर किसी ने बदनाम किया है तो वे गायत्री ही हैं। आज परिवहन विभाग के कार्यक्रम में सीएम के न जाने से यह आशंका और बलवती हो गई कि गायत्री बहुत लंबे समय तक पार्टी में रहने वाले नहीं है।

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