पीडि़ताओं को कप्तान ने भेजा कोतवाली, कोतवाल ने दी गाली

पीडि़त बहनों को कोतवाली से भगाया कहा, यह कप्तान का हस्ताक्षर नहीं

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। राजधानी में थानाध्यक्षों और इंस्पेक्टरों का जलवा इस कदर है कि वह अपने ही कप्तान का आदेश नहीं मानते है। गाजीपुर थानाध्यक्ष देवेंद्र दुबे ने पूर्व में कई कप्तानों के आदेश को ठेंगे पर लेकर दिखा दिया कि उसके लिये कप्तान का कोई मतलब नहीं है। ताजे मामले में बाजारखाला कोतवाल चंद्र प्रकाश सिंह ने कप्तान के आदेश को ठेंगा दिखाते हुये कोतवाली पहुंची पीडि़त बहनों को प्रार्थना पत्र पर कप्तान के फर्जी हस्ताक्षर होने की बात कहते हुये भद्ïदी-भद्ïदी गालियां देकर कोतवाली से भगा दिया।
बाजारखाला कोतवाली क्षेत्र के 293/230 हैदरगंज निवासी हमीदा अनाथ है। हमीदा के पिता मुख्यतार अहमद की मौत 2011 तथा माता सईदा खातून की मौत 25 फरवरी 2015 को हो चुकी है लेकिन शादी से पहले हमीदा के मां-बाप ने शादी के लिये कुछ सामान खरीदकर रखा था। हमीदा के साथ उसकी छोटी बहन आयशा और उसका बड़ा भाई तौफीक अहमद भी रहता है। हमीदा ने बताया कि 28 जुलाई को उसकी शादी तय है। इस दौरान उसके भाई तौफीक ने दोनों बहनों को मारपीट कर घर से जबरदस्ती बाहर निकाल दिया। जहां वह अपनी छोटी बहन के साथ अपने बहनोई फैसल और दीदी फौजिया के घर रह रही है। हमीदा ने बताया कि घर में रखा हुआ सामान मांगने पर तौफीक उससे मारपीट करता है और जान से मारने की धमकी देता है।
इस मामले में जब हमीदा ने बाजारखाला कोतवाली में प्रार्थना-पत्र देकर कार्रवाई की मांग की तो पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। जिसके बाद हमीदा ने अपनी बहन आयशा और परिजनों के साथ 24 जुलाई को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर एसएसपी राजेश कुमार पांडेय से मिलकर गुहार लगाई। मामले की गम्भीरता को देखते हुये कप्तान ने हमीदा के प्रार्थनापत्र पर हस्ताक्षर कर इंस्पेक्टर बाजारखाला को आवश्यक कार्रवाई करने को निर्देशित करते हुये पीडि़ता को कोतवाली भेज दिया। एसएसपी का हस्ताक्षरित लिखित आदेश लेकर जब हमीदा कोतवाली पहुंची और कोतवाल चंद्र प्रकाश सिंह को दिखाया तो कोतवाल साहब भडक़ गये। कोतवाल ने प्रार्थना-पत्र पर कप्तान के हस्ताक्षर न होने की बात कहते हुये गाली देकर भगा दिया। कोतवाल साहब के इस रवैये से नाराज दोनों बहनें परिजनों के साथ दोबारा एसएसपी कार्यालय पहुंचीं। लेकिन उस समय तक कप्तान कार्यालय से जा चुके थे।
शिकायत प्रकोष्ठ प्रभारी ने की बात
कप्तान के चले जाने से दोनों बहनों ने शिकायत प्रकोष्ठ प्रभारी अतुल अग्निहोत्री को सारी बातों से अवगत कराया। मामले को गम्भीरता से लेते हुये श्री अग्निहोत्री ने तत्काल इंस्पेक्टर चंद्र प्रकाश सिंह से मोबाइल पर वार्ता की। लम्बी बात होने पर इंस्पेक्टर ने बताया कि दोनों बहनों को आज सामान मिल जायेगा। सामान की सूची बन रही है।
होगी जांच: एसएसपी

इस संदर्भ में एसएसपी राजेश कुमार पांडेय से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। इसकी जानकारी कर जांच कराई जायेगी। लापरवाही पाये जाने पर इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की जायेगी।

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