पीजीआई में कैशलेस इलाज बंद

  • फंड न होने की वजह से नहीं मिल पा रही सुविधा
    मान्यता प्राप्त पत्रकारों को अपनी जेब से लगाना पड़ रहा पैसा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। एसजीपीजीआई में मान्यता प्राप्त पत्रकारों का कैशलेस इलाज बंद हो गया है। सूचना विभाग की तरफ से कैशलेस इलाज के बदले मिलने वाली धनराशि न आने की वजह से संकट गहरा गया है। इसलिए मजबूरन मान्यता प्राप्त पत्रकारों को इलाज के लिए अपनी जेब से पैशे खर्च करने पड़ रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मान्यता प्राप्त पत्रकारों के कैशलेस इलाज के लिए शासन से आया हुआ रुपया खर्च हो चुका है, जबकि नया फंड अब तक नहीं भेजा गया है। इसलिए आज से पीजीआई में इलाज कराने और भर्ती होने वाले पत्रकारों को कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं मिल सकेगी। पीजीआई के कर्मचारियों के मुताबिक मान्यता प्राप्त पत्रकारों के इलाज के लिए 25 लाख रुपये फंड काफी समय पहले आया था, जो अब तक पत्रकारों के इलाज में खर्च हो चुका है। पीजीआई की ओर से शासन को क्लेम सेटलमेंट के लिए पत्र भेजा गया। लेकिन अभी तक शासन से दोबारा पत्रकारों के इलाज के लिए पीजीआई को बजट नहीं भेजा गया है। इसलिए आज सुबह से पीजीआई में भर्ती होने वाले मान्यता प्राप्त पत्रकार को इलाज के लिए खुद ही रुपये का इंतजाम करना होगा। क्योंकि कैशलेस इलाज का रुपया खर्च हो चुका है। इसलिए अभी पीजीआई से मुफ्त में इलाज नहीं हो सकेगा।

कैशलेस इलाज में उपयोग होने वाले फंड के सामाप्त होने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो फंड की व्यवस्था करायी जायेगी।
-डॉ.राकेश कपूर निदेशक,एसजीपीजीआई

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