पश्चिम बंगाल में सेना की तैनाती पर संसद में हंगामा

  • विपक्ष ने संविधान पर बताया हमला, सरकार बोली, सेना के समर्पण पर न उठाएं सवाल
  • राष्ट्रपति से मुलाकात कर विरोध दर्ज कराएंगे विपक्षी दल

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
11नई दिल्ली। अब पश्चिम बंगाल में सेना की मौजूदगी को लेकर संसद के दोनों सदनों में तृणमूल कांग्रेस के साथ विपक्ष के सांसदों ने हंगामा किया। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही सेना की उपस्थिति का मुद्दा तृणमूल सांसदों ने उठाया। विपक्ष ने इसको लेकर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह संविधान पर हमला है। सेना का ऐसा प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। विपक्ष इस मामले में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर अपना विरोध दर्ज कराएगा।
रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि सेना को राजनीति में घसीटना गलत है। पश्चिम बंगाल में सेना ने जो किया वह एक रुटीन अभ्यास है। इसको मुद्दा बनाना गलत है। यह अभ्यास पुलिस के साथ मिलकर किया गया है, ऐसा अभ्यास 19, 21 नवंबर 2015 को भी हुआ था। पर्रिकर ने कहा कि ममता के सेना पर लगाए गए इन आरोपों से दुख हुआ है। यह मुद्दा राजनीतिक हताशा के कारण उठाया गया है। वेंकैया नायडू ने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है, क्योंकि यह सेना से संबंधित है। हमें महत्वपूर्ण मुद्दों को पटरी से नहीं उतारना चाहिए। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सेना की राज्य में मौजूदगी पर भडक़ गई हैं। इस मामले में वे अब विपक्ष को एकजुट करने में जुटी हैं। सेना की मौजूदगी को देखते हुए उन्होंने सचिवालय में डेरा जमा लिया है। इस मामले पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी व अहमद पटेल ने फोन करके ममता बनर्जी से बात की। हालांकि ममता के ऐतराज के बाद सेना टोल नाके से हट गई है। वहीं सेना के मेजर जनरल सुनील यादव ने कहा कि ममता बनर्जी के आरोप आधारहीन है, यह एक रुटीन अभ्यास है। तृणमूल कांग्रेस प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि हम सभी राजनीतिक दलों से बात कर रहे हैं। हम राष्ट्रपति से मुलाकात कर इस घटना की जानकारी देंगे।

सेना की तैनाती संविधान पर बड़ा हमला: मायावती
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ ज्यादती हो रही है। यह संविधान पर बहुत बड़ा हमला है। सेना का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए लेकिन बीजेपी अपने लाभ के लिए सेना का सहारा लेने से बाज नहीं आ रही है।

सेना टोल नहीं एकत्र करती है: गुलाम नबी आजाद

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह अलग तरह का मामला है। सेना टोल एकत्र नहीं करती है? पश्चिम बंगाल में सेना को तैनात करने को लेकर कोई कानून-व्यवस्था नहीं है।

ये सैन्य तख्तापलट: ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को दनकुनी और पलसित के दो टोल प्लाजा पर सेना की तैनाती पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को कोई भी सूचना दिए बगैर जिस तरह सेना को तैनात किया गया वह गंभीर मुद्दा है। ममता ने इसे आपातकाल जैसी स्थिति बताया और सैन्य तख्तापलट कहा है। ममता ने कहा कि उनका इरादा राजनीतिक, असंवैधानिक, बदले की भावना, अनैतिक, अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि मैंने निर्णय किया है कि जब तक सेना को इस सचिवालय के सामने से नहीं हटाया जाता है, मैं यहां से नहीं जाउंगी। मैं यहां ठहरूंगी।

अब गोमतीनगर स्टेशन पर मिलेंगी अंतरराष्ट्रीय सुविधाएं

  • गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने किया शिलान्यास
    गोमती नगर स्टेशन परिसर में बनेगी विशाल व्यावसायिक इमारत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ के सांसद और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज रेल मंत्री सुरेश प्रभु के साथ लखनऊ में गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर विकास कार्यों की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह आज एयरपोर्ट से सीधे गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पहुंचे। केंद्रीय गृहमंत्री ने विकास कार्यों की योजनाओं की आधारशिला रखी। उन्होंने सशस्त्र सीमा बल के प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया। गोमती नगर स्टेशन के बनने के बाद यहां पर कई गाडिय़ों को टर्मिनेट किया जाना शुरू हो जाएगा। दो नई वाशिंग लाइनों का भी निर्माण किया जाएगा।
गोमती नगर स्टेशन लखनऊ में टर्मिनल स्टेशन की तर्ज पर बनाया जाएगा। इसका लाभ यहां पर आने वाले रेलयात्रियों के साथ राजधानी के लोग भी उठा सकेंगे। गोमती नगर स्टेशन पर हाल में तीन प्लेटफॉर्म हैं। यहां एक और प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा। इस स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा। इस दौरान लखनऊ के मेयर डॉ. दिनेश शर्मा, सांसद जगदम्बिका पाल, एमएलए आशुतोष टंडन आदि गणमान्य व्यक्ति
मौजूद रहे।

Pin It