परिवहन विभाग के प्रस्ताव पर यातायात पुलिस की अनुमति मिलना मुश्किल

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी की प्रमुख सडक़ों पर बहुत जल्द ई-रिक्शा का संचालन बंद हो जायेगा। यह रिक्शा केवल कालोनियों और मोहल्लों में ही चलेंगे क्योंकि परिवहन विभाग की तरफ से 22 रुटों पर ई- रिक्शा संचालित करने के प्रस्ताव को यातायात पुलिस ने अनुमति न देने का फैसला किया है। इससे ई-रिक्शा के माध्यम से रोजगार हासिल करने और अच्छी कमाई का सपना देखने वालों की उम्मीदों को झटका लगना तय है।
परिवहन विभाग ने आटो-टैम्पो चालकों और ई-रिक्शा के बीच टकराव को समाप्त करने के मकसद से एक योजना बनाई है। जिसमें ई-रिक्शा का नया रूट चार्ट तैयार किया गया है। शहर में ऐसे 22 ऐसे रूटों का चयन कर यातायात पुलिस और प्रशासन के बाद अनुमति के लिए भेजा गया है। लेकिन अपने कार्यालय में प्रस्ताव पहुंचने से पहले ही पुलिस अधीक्षक यातायात हबीबुल हसन ने ई-रिक्शा को शहर की प्रमुख सडक़ों पर चलने की अनुमति देने से इंकार कर दिया है। इनका तर्क है कि शहर की सडक़ों पर ई-रिक्शा चलने से एक्सीडेंट अधिक होंगे। जबकि शहर की प्रमुख सडक़ों को जोडऩे वाले मार्गों, कॉलोनियों और मोहल्लों में ई-रिक्शा चलेगा, तो जनता के लिए लाभकारी होगा। इसके साथ ही दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा। इसलिए तय मान लें कि परिवहन विभाग के प्रस्ताव को यातायात पुलिस से शहर की प्रमुख सडक़ों पर ई- रिक्शा चलाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
गौरतलब हो कि शहर में जाम की बढ़ती समस्या पर काबू पाने के लिए परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा के संचालन को अनुमति दी थी। लेकिन रूट का निर्धारण नहीं होने से आटो-टैम्पो यूनियन ने ई-रिक्शा के संचालन का विरोध करना शुरू कर दिया। यह मामला गंभीर रूप लेने लगा तो परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा और आटो-टैम्पो का रूट निर्धारित करने का प्रस्ताव तैयार किया। इसमें सबसे बड़ी खामी ई-रिक्शा के प्रस्तावित किसी भी रूट पर स्टैण्ड का निर्धारण नहीं हुआ है। जिसकी वजह से शहर में जाम की समस्या बढऩे का डर है। जबकि परिवहन विभाग ने जाम की समस्या से निपटने के मकसद से ही ई-रिक्शा का संचालन शुरू करने की अनुमति दी थी। ऐसे में राजधानी में जाम की कीमत पर ई-रिक्शा को चलाने की अनुमति देने का खतरा कोई भी लेने को तैयार नहीं होगा। हालांकि ई-रिक्शा संचालित करने के प्रस्ताव पर आटीई की बैठक में ही अंतिम फैसला होगा। लेकिन यातायात पुलिस ने ई-रिक्शा संचालन के खतरों की सूची बना ली है। जो हकीकत में भी सही लग रही है। इसलिए शहर की प्रमुख सडक़ों पर ई-रिक्शा फर्राटे मारते सवारियों ढो सकेगा, इस पर संदेह की स्थिति बनी हुई है।

प्रस्ताव में निर्धारित रूट

अवध हॉस्पिटल से बंगला बाजार होते हुए बदनाम लड्डू
पिकैडली से बिजली पासी किला
पुरानी चुंगी से कानपुर रोड सेक्टर-11 तक
कृष्णानगर से बल्दीखेड़ा-पारा नहर
बर्लिंटन चौराहे से हुसैनगंज होते हुए सदर बाजार
अंबेडकर पार्क-मनोज पांडेय चौराहा
हुसडिय़ा चौराहा गोमतीनगर से दयाल पैराडाइज
पीएनबी विवेकखंड से मंत्री आवास तक
मुंशीपुलिया से टेढ़ी पुलिया तक
महानगर से खुर्रमनगर चौराहा तक
खुर्रमनगर से फरीदीनगर होते हुए खरगापुर
रिंग रोड कल्याणपुर से गुडंबा
मटियारी चौराहे से मल्हौर तक
इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे से एलयू न्यू कैंपस तक
भिठौली तिराहा से आईआईएम तक
पक्का पुल से केजीएमयू-चौक तक
एवरेडी चौराहे से सी-ब्लॉक राजाजीपुरम तक
बालागंज,मुसाहिबगंज, हुसैनाबाद रोड से छोटा इमामबाड़ा तक
अकबरी गेट से इरम कॉन्वेंट
अमीनबाद से यहियागंज होकर नक्खास
आलमबाग बस स्टेशन के पीछे से शकुंतला मिश्रा यूनिवर्सिटी तक
बालागंज से बुद्धेश्वर चौराहा तक

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