नौसिखियों के हाथ में थमा दी डायल 100 की कमान

  • सूचना देने के घंटों बाद भी घटनास्थल पर नहीं पहुंच पा रही पुलिस
    सिस्टम को ऑपरेट तक नहीं कर पा रहे हैं पुलिसकर्मी

आमिर अब्बास
captureलखनऊ। सीएम अखिलेश यादव ने अभी हाल ही में पुलिस व्यवस्था सुधारने के लिए यूपी डायल100 का उद्घाटन किया था। उम्मीद की जा रही थी कि इससे जनता को किसी भी आपात स्थिति के दौरान पुलिस की मदद मिलेगी लेकिन सारे दावे खोखले साबित हुए हैं। यूपी की हाईटेक पुलिस ने यूपी डायल100 की कमान नौसिखियों के हाथ में थमा दी हैं, जिसकी वजह से जनता की शिकायतों को समझने और उन्हें स्पॉट पर पहुंचकर सहयोग करने में पुलिस की टीम नाकाम साबित हो रही है। सूबे में किसी भी घटना की सूचना मिलने पर बीस मिनट के अंदर पहुंचने का दावा करने वाली पुलिस घंटों बाद भी नहीं पहुंच पा रही है। इसका खुलासा मंगलवार को हुई एक घटना के दौरान हुआ, जिसमें यूपी डायल 100 की हकीकत सामने आ गई। एक पीडि़त के फोन करने के कई घंटों बाद भी डायल 100 की गाड़ी नहीं पहुंची और पीडि़त व्यक्ति मजबूर होकर वहां से वापस चला गया। वहीं जानकारों की मानें तो यूपी डायल 100 में बैठे कर्मियों को सिस्टम ऑपरेट करना ही नहीं आता है। यही कारण है कि वह पीडि़तों की समस्या का समाधान करने में पूरी तरह असफल साबित हो रहे हैं।
पुलिस व्यवस्था सुधारने के लिए यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूपी डायल100 का 19 नवंबर को उद्घाटन किया था। वहीं जनता को ये उम्मीद थी कि अब पुलिस और सुगमतापूर्वक जनता की मदद कर सकेगी। लेकिन सब कुछ उम्मीद के उलट हो रहा है। यूपी पुलिस सीएम के आदेशों का भी पालन नहीं कर पा रही है। गुडंबा थाना क्षेत्र में बीते मंगलवार को यूनिटी सिटी निवासी शशिकांत दुबे टेढ़ी पुलिया स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में पैसा निकालने गए थे। दोपहर में लगभग 12 बजे जब वह बैंक से निकले तो उनकी काले रंग की स्प्लेंडर नंबर (यूपी-77-सीसी-9853) गायब थी। गाड़ी न दिखने पर उन्होंने 100 नंबर पर सूचना दी लेकिन डेढ़ घंटे बाद भी पुलिस नहीं आई। इसके बाद पीडि़त ने तीन बार डायल 100 नंबर पर फोन किया। लगभग एक घंटे तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। हालातों का मारा पीडि़त थाने पहुंचा तो अपनी साख बचाने के लिए एक दारोगा और सिपाही पीडि़त के साथ घटनास्थल की जांच करने चले गए। लेकिन पीडि़त को डायल 100 से कोई भी मदद नहीं मिली। यूपी डायल 100 का मंगलवार को यह पहला मामला नहीं है, जब वह वक्त पर पहुंचने और मदद देने में फेल हुई हो बल्कि उद्घाटन के बाद से कई मामलो में इस सेवा ने पुलिस छवि को शर्मसार किया है। पिछले रविवार को अलीगंज में छात्र आशुतोष ओझा से नगदी लूटी गई तो पुलिस तीन घंटे बाद भी मौके पर नहीं पहुंची थी। इस घटना के बाद सोमवार को विकासनगर में शशि अग्रवाल नामक महिला की चेन लुटे जाने की सूचना पर भी पुलिस को मौके पर पहुंचने में आधे घंटे से अधिक का समय लग गय। इसके अलावा मंगलवार को ही एक अन्य व्यक्ति ने नशेडिय़ों के सडक़ पर शराब पीकर हंगामे की सूचना दी, तो कॉल रिसीव करने वाली महिला ने कहा कि कम्प्यूटर खराब है। थोड़ी देर में हम मैसेज करके पुलिस भेजते हैं। लेकिन पुलिस मौके पर झांकने तक नहीं पहुंची।

साफ्टवेयर बना मुसीबत

पुलिस विभाग के कुछ जानकारों और विशेषज्ञों के सर्वे में साफ हुआ कि यूपी डायल 100 के दावे फेल होने के पीछे प्रमुख कारण नौसिखिये लोगों को कमान सौंपना है। इसलिए यूपी डायल 100 की छवि धूमिल हो रही है। विकासनगर में जब सोमवार को महिला की चेन लूटी गई तो यूपी डायल 100 नंबर (यूपी 32-डीजी-0492) में बैठे पुलिसकर्मियों ने बताया कि हमारा सिस्टम ही नहीं काम कर रहा है, जबकि जानकारों की माने तो उन्हें सिस्टम एक्टिवेट करने का तरीका ही नहीं पता था। इसलिए यूपी डायल 100 के दावे फेल होते नजर आ रहे हैं।

नेटवर्किंग में आ रही है दिक्कत: डीआईजी

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यूपी पुलिस को और भी अधिक सतर्क व हाईटेक बनाने के लिए डायल 100 की जो गाडिय़ां उपलब्ध कराई गई हैं। उन गाडिय़ों के सॉफ्टवेयर में खराबियां आना शुरू हो गयी हैं। बीते बुधवार को डायल 100 की कई गाडिय़ों में तकनीकी समस्या की सूचना मिलते ही आला अधिकारियों में हडक़ंप मच गया था। इस विषय में डीआईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि किसी भी गाड़ी में कोई खराबी नहीं है और न ही कोई गाड़ी वापस जा रही है। करीब नौ गाडिय़ों के सॉफ्टवेयर में नेटवर्किंग की दिक्कत सामने आयी थी। डायल 100 एमबीटी की नेटवर्किंग में अभी भी कुछ दिक्कत है। वो जल्द ही दूर हो जाएगी। इसके अलावा जहां भी ऐसी समस्या आ रही है, वहां इंजीनियर भेजे गए है। वहीं जगह- जगह एमसीआर की गाडिय़ां भी मौजूद हैं, जो इन्हें कवर कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अभी हम टेस्ट रन पर हैं, अभी जो गाडिय़ां घटना स्थल पर पहुंचने में 20 मिनट ले रही हैं। आने वाले समय में 3जी नेटवर्किंग की समस्या पूरी तरह दूर होने पर यही गाडिय़ां 10 मिनट में पहुंच सकेंगी।

Pin It