नोट बंदी के फैसले पर केंद्र सरकार को संसद में घेरेगी सपा

captureपार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक में चुनाव की रणनीति समेत कई अहम मुद्दों पर की गई चर्चा
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत पार्टी के वरिष्ठï नेता भी रहे मौजूद

लखनऊ। समाजवादी पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक रविवार को हुई। बैठक में केंद्र सरकार के नोट बंदी के फैसले समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता मुलायम सिंह यादव ने की। बैठक में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, किरनमय नंद समेत पार्टी के कई वरिष्ठï नेता मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि नोट बंदी के अलावा बैठक में संसद में भाजपा को घेरने की रणनीति पर भी गहन मंथन किया गया।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में 500 व 1000 के पुराने नोटों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे आम आदमी को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखकर प्रतिबंध की समयावधि तीस नवंबर तक करने का आग्रह किया था। इसके अलावा सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव भी केंद्र के अचानक लिए गए इस फैसले की आलोचना कर चुके हैं। इस मामले पर सरकार को सडक़ से संसद तक घेरने की तैयारी की गई है। बतातें चले कि संसद का शीतकालीन सत्र 16 नवंबर से शुरू होने जा रहा है। इस दौरान संसद में सपा केंद्र सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरेगी। सपा पहले ही कह चुकी है कि मोदी के नोट बंदी के ताजा फैसले से किसानों और मध्यमवर्गीय लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं। इसके अलावा आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी बैैठक में गहन विचार-विमर्श किया गया। माना जा रहा है कि पार्टी चुनाव को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार कर रही है।

राज्यसभा में नए नेता के नाम पर भी चर्चा

सूत्रों के मुताबिक बैठक में राज्यसभा में नए नेता के नाम पर भी चर्चा की गई है क्योंकि राज्यसभा में सपा के नेता रामगोपाल यादव को पार्टी से पिछले दिनों 6 वर्ष के लिए निष्कासित किया जा चुका है। माना जा रहा है कि बैठक में विधानसभा चुनावों में पार्टी अपने अंदरूनी कलह और पारिवारिक विवाद को किनारे रखकर किस तरह उतरे, इसे लेकर भी मंथन किया गया।

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