नोटबंदी से पहले भाजपा ने देश भर में खरीदी अरबों की जमीनें, खुलासे से सनसनी

  • विपक्ष ने कालेधन को सफेद करने का लगाया आरोप, जांच की मांग
  • पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के इशारे पर डीड की गई फाइनल
  • कई विधायकों और कार्यकर्ताओं के नाम भी हैं शामिल

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। नोटबंदी के फैसले के बाद संसद से सडक़ तक घिरी मोदी सरकार की मुसीबत और बढ़ गई है। ताजा मामले में खुलासा हुआ है कि नोटबंदी के फैसले से ठीक पहले भाजपा ने बिहार सहित देश के कई राज्यों में अरबों रुपये की जमीनें खरीदी। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने जमीन खरीदी से संबंधित कुछ अहम दस्तावेज सोशल साइट्स ट्विटर पर शेयर किए हैं। इस खुलासे के बाद विपक्ष ने इस मामले की जांच की मांग की है। विपक्ष इस मामले को संसद में भी उठाने की तैयारी में है।
नोटबंदी के फैसले से पहले भाजपा ने बिहार सहित देश के कई राज्यों में अरबों की जमीन खरीदी है। जमीनों की खरीद अगस्त से नवंबर के पहले सप्ताह की गई थी। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के मुताबिक भाजपा ने ये जमीनें कैश और चेक के जरिए खरीदा है। सुरजेवाला ने इस मामले के कुछ दस्तावेज भी पेश किए हैं। भाजपा ने ये जमीनें अपने कुछ नेताओं के नाम पर खरीदी हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की ओर से इसके लिए पार्टी के सीनियर कार्यकर्ताओं और विधायकों को ऑथोराइज्ड सिग्नेचरी नियुक्त किया गया है। दीघा (बिहार) के भाजपा विधायक संजीव चौरसिया भी इनमें शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने लखीसराय (6 सितंबर), मधुपुरा (14 सितंबर), कटिहार (16 सितंबर), अरवल व किशनगंज (19 सितंबर), मधुबनी (1 अक्टूबर)को डीड फाइनल की थी। भाजपा सूत्रों ने भी जमीन खरीद की बात स्वीकारी है। उनका कहना है कि ये जमीनें पार्टी कार्यालय और अन्य कार्यों के लिए खरीदी गई हैं।

संसद में मामला उठाने की तैयारी में विपक्ष

नोटबंदी के फैसले पर विपक्ष ने मोदी सरकार को संसद में पहले से ही घेर रखा है। अब कांग्रेस नेता के खुलासे के बाद विपक्ष के हाथ एक और बड़ा मुद्दा आ गया है। अरबों की जमीन खरीद को कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्ष दल संसद में उठाने की तैयारी कर रहे हैं। विपक्षी दल पहले से मोदी सरकार पर नोटबंदी के फैसले को लीक करने का आरोप लगाते रहे हैं।

मेरी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती पहले ही कह चुकी हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा व उनके चहेते पंूजीपतियों को पहले से ही नोटबंदी के बारे में बता दिया था। भाजपा व उसके चहेतों ने नोटबंदी के पूर्व ही अपने कालेधन को ठिकाने लगा दिया। अब भाजपा द्वारा विभिन्न जिलों में अरबों की जमीन खरीदने का मामला सामने आया है। इसकी जांच की जानी चाहिए।
-रामअचल राजभर, प्रदेश अध्यक्ष, बसपा

भारतीय जनता पार्टी व उनके चहेते पूंजीपतियों ने नोटबंदी से पहले ही अपने कालेधन को ठिकाने लगा दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी जिलों में भाजपा कार्यालयों के लिए जमीन खरीदने के लिए धन दिया है। जिससे अभी तक कई जनपदों में जमीन की खरीदी की गई है। संभव है कि कालाधन खपाने के लिए जमीनें खरीदी गईं। इसमें उनके चहेते पूंजीपतियों की भी भूमिका है। इसकी जांच होनी चाहिए।
-सत्यदेव त्रिपाठी, प्रवक्ता, कांगे्रस

 मेरी पार्टी पहले से कहती आ रही है कि नोटबंदी का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नहीं बल्कि उनके पूंजीपतियों व करीबी लोगों का है। भाजपा और उनके चहेतों ने अपना कालाधन व्यवस्थित करने के बाद इसे लागू किया। कालेधन को खपाने के लिए ही भाजपा ने जमीनें खरीदीं। इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए।-वैभव माहेश्वरी, प्रवक्ता, आप

राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आह्वïन पर पार्टी के कार्यालयों के निर्माण के लिए दो साल से जमीनें खरीदी जा रही हैं। जमीन खरीदी का सारा रिकॉर्ड पार्टी के पास मौजूद है। आयोग में इसके खर्च का ब्यौरा दिया जाता है। विपक्षी हताश और निराश हैं और बेवजह इसको मुद्दा बनाया जा रहा है।।
-डॉ. महेंद्र सिंह, राष्ट्रीय  सचिव, भाजपा

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