नोटबंदी के खिलाफ संसद के बाहर धरने पर विपक्ष

गांधी प्रतिमा पर 12 राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने किया प्रदर्शन नोटबंदी की जानकारी लीक होने की हो जेपीसी जांच

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureनई दिल्ली। शीतकालीन सत्र की शुरुआत से नोटबंदी पर विपक्ष के हमले झेल रही मोदी सरकार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। आज सुबह करीब 12 राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने सदन के बाहर धरना प्रदर्शन किया। विपक्षी दलों ने मांग की है कि नियम 156 के तहत सदन में चर्चा हो, पीएम मोदी भी नोटबंदी पर हो रही बहस के दौरान मौजूद रहें और नोटबंदी की जानकारी लीक करने के आरोप पर जेपीसी जांच शुरू हो। विपक्ष ने चेतावनी दी है कि मांगे नहीं माने जाने पर संसद सत्र को बाधित किया जाएगा।
आज सुबह यूनाइटेड अपोजिशन फ्रंट ने सुबह 9.30 बजे सांसदों की मीटिंग बुलाई। इसके बाद करीब 10 बजे सभी सांसद संसद भवन पहुंचे। वहां गांधी जी की मूर्ति के सामने नोटबंदी के खिलाफ 12 राजनीतिक पार्टियों करीब 200 सांसदों ने धरना और प्रदर्श किया। नोटबंदी के खिलाफ आम आदमी पार्टी के सांसदों ने मार्च निकाला और नोट नहीं, पीएम बदलो की मांग दोहराई। गांधी जी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन करने वाले नेताओं में बीएसपी के 7, सपा के 24, कांग्रेस के 95, एनसीपी के 10, टीएमसी के 45, आरजेडी के 6, जेडीयू के 18, वाईएसआर के 12, जेएमएम के 2, डीएमके के 4, सीपीएम के 20, सीपीआई के एक सांसद ने हिस्सा लिया। इन सभी पार्टियों के सांसदों ने कॉमन नारे भी लगाये। जिसमें मोदी जी की मन की बात, गरीबों के पेट पर लात जैसे नारे शामिल थे। वहीं प्रदर्शन के बाद 11 बजे सभी सांसद राज्यसभा और लोकसभा में चले गये। राज्यसभा और लोकसभा में भी सांसदों ने अपनी वही मांग दोहराई। विपक्ष का फोकस तीन प्रमुख मांगों पर है। विपक्ष की मांग है कि नियम 156 के तहत चर्चा हो, पीएम मोदी भी नोटबंदी पर हो रही बहस के दौरान मौजूद रहें और नोटबंदी की जानकारी लीक करने के आरोप पर जेपीसी जांच शुरू हो। ऐसा नहीं होने की स्थिति में विपक्ष ने संसद सत्र को बाधित करने की चेतावनी दी है।

राष्टï्रपति से केजरीवाल ने कहा पीएम को भेजें लोकसभा में

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रपति से मांग की है कि वह नोटबंदी के मामले को गंभीरता से लेकर पीएम को लोकसभा में उपस्थित होने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने को कहें। इतना ही नहीं पीएम पर अपनों को नोटबंदी की पूर्व में सूचना देने और जनता को हो रही परेशानी को न समझने का भी आरोप लगाया है।

जनता के साथ है विपक्ष : मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि केन्द्र सरकार ने बिना पूरी तैयारी के जल्दबाजी में नोटबंदी का फैसला लिया है। ये फैसला गलत है। इस मामले में पूरे देश की 90 जनता प्रभावित हुई है। देश की जनता के साथ पूरा विपक्ष खड़ा है। इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है। इसके लिए धरना और प्रदर्शन भी किया जा रहा है। लेकिन केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री को कोई फर्क नहीं पड़ा रहा है। ऐसे में विपक्ष ने तय किया है कि जनता की मुसीबतों पर जवाब देने के बजाय तानाशाही रवैया अपनाने वाले प्रधानमंत्री को हर हाल में जवाब देने के लिए बाध्य किया जायेगा। वह जवाबदेही से बच नहीं सकते हैं।

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