नेताजी के सामने सीएम और शिवपाल में तीखी नोक-झोंक, नहीं हुआ फैसला

नेताजी का फरमान अमर सिंह मेरा भाई, गायत्री गरीब परिवार से और मुख्तार अंसारी
सम्मानित परिवार से, अखिलेश से पूछा तुम्हारी हैसियत क्या है

  • सीएम माइक लेकर आशु मलिक की झूठी बात बताना चाह रहे थे कि उनके हाथ से छीन लिया गया माइक
  • सीएम ने नेताजी के छुए पैर और कहा आज मेरा जन्म दिन है आपने नहीं दिया आशीर्वाद, इसके बाद सीएम से माइक छीनने को लेकर शिवपाल और सीएम में हो गई धक्का-मुक्की
  • सीएम के हाथ से माइक छीनने पर भडक़े युवा नेता मुलायम सिंह के सामने ही पिटते-पिटते बचे एमएलसी आशु मलिक
  • आंखों में आंसू भरकर सीएम ने नेताजी से कहा आपके एक आदेश पर छोड़ दूंगा कुर्सी, कुछ गलत किया हो तो मांगता हूं माफी
  • नेताजी के सामने शिवपाल ने सीएम पर बोला हमला, कहा बच्चों की कसम खाकर कह रहा हूं अखिलेश ने मुझसे कहा बनाऊंगा नया दल

 संजय शर्मा
11लखनऊ। आज समाजवादी पार्टी में जो घटा उसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। नेताजी के सामने शिवपाल और अखिलेश में न सिर्फ गरमा-गरमी हुई बल्कि नौबत मारपीट की भी आ गई। सीएम के हाथ से माइक छीनने से नौजवान भडक़ गए और मंच पर मौैजूद एमएलसी आशु मलिक को मारने के लिए दौड़े। माहौल तब और बिगड़ गया जब इसकी खबर पार्टी दफ्तर के बाहर आई और वहां खड़े दोनों पक्ष के नेताओं के बीच मारपीट शुरू हो गई। सीएम आवास और पार्टी दफ्तर पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। आईजी-डीआईजी खुद मौके पर हैं। खबर लिखे जाने तक सूचना मिली कि सीएम नेताजी के घर गए हैं। आज शाम तक कोई बड़ा फैसला आने की उम्मीद है।
नेताजी की बैठक की शुरुआत में भावुक होकर सीएम ने नेताजी से कहा कि मैंने पूरी कोशिश की कि मैं आपके घोषणा पत्र को पूरा लागू कराऊं। अगर मुझसे कोई गलती हो गई हो तो मैं माफी मांगता हूंं। सीएम ने कहा मैं सिर्फ उनके खिलाफ हूं जो अमर सिंह के साथ हैं।
इसके बाद बोलने आए शिवपाल ने सीधे सीएम पर हमला बोला और अमर सिंह की तरफदारी करते हुए सीएम के करीबियों की तरफ निशाना साधते हुए कहा कि यहां जो लोग नारेबाजी कर रहे हैं वह अमर सिंह की पैर की धूल भी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अपने बेटे और गंगा जल उठाकर कसम खाते हैं कि अखिलेश ने उनसे कहा था कि मैं नई पार्टी बनाऊंगा और किसी भी दल से समझौता कर लूंगा।
इसके बाद बोलने को खड़े हुए नेताजी ने अपने सीएम बेटे को खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि अमर सिंह मेरे भाई जैसा है और मैं उसके खिलाफ कुछ भी नहीं सुन सकता। उन्होंने शिवपाल की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि शिवपाल ने खुद जमीन पर बैठकर मुझे कुर्सी पर बिठाया। उन्होंने सीएम के समर्थकों के नारेबाजी पर कहा कि एक लाठी भी नहीं झेल पाओगे। हालांकि इसके बाद उन्होनें माहौल को शांत करने के लिए सीएम और अखिलेश को गले मिलवाया।
इसके कुछ समय बाद ही एमएलसी आशु मलिक के खत का मामला उठा। उन्हें सफाई देने के लिए मंच पर बुलाया गया। वह झूठ कहने लगे। जिसके बाद सीएम ने बोलने के लिए माइक लिया, जिसे शिवपाल और उनके समर्थकों ने छीनने की कोशिश की, जिससे सीएम समर्थक भडक़ गए और आशु मलिक को मारने के लिए दौड़े। सीएम खुद आशु मलिक को बचाकर पार्टी दफ्तर से निकल गए। खबर लिखे जाने तक माहौैल तनावपूर्ण बना हुआ है।

पार्टी दफ्तर में था भयंकर तनाव

आज सुबह से पार्टी दफ्तर में भारी तनाव बना हुआ था। दोनों पक्ष में टकराव की आशंका के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। मगर फिर भी कई बार दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं। अखिलेश और शिवपाल समर्थक अभी भी अपने-अपने नेताओं के घर के बाहर जमे हुए हैं और किसी भी वक्त दोनों में टकराव होने की आशंका बनी हुई है।

शिवपाल ने कहा नेताजी आप संभालें कुर्सी

आज की बैठक में माना जा रहा था कि नेताजी अखिलेश यादव के खिलाफ कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। हालांकि ऐसा तो नहीं हुआ, मगर शिवपाल ने नेताजी से साफ-साफ कुर्सी संभालने की अपील कर डाली। उन्होंने कहा कि साम्प्रदायिक ताकतों से सिर्फ नेताजी ही लड़ सकते हैं। जब उनके भाषण में सीएम समर्थकों ने नारेबाजी की तो उन्होंने कहा कि उन्हें सबको संभालना आता है। उन्होंने कहा कि पार्टी में गुंडे और शराबी आ गए हैं।

आज की मीटिंग में भी छाए दलाल अंकल

सीएम अखिलेश यादव ने कल विधायकों की बैठक में साफ-साफ कहा था कि उनके परिवार में दलाल अमर सिंह ने आकर पूरा माहौल खराब कर दिया। उन्होंने साफ-साफ कहा कि जो अमर सिंह का साथ देगा वह पार्टी में नहीं रहेगा। आज शिवपाल और मुलायम दोनों खुलकर अमर सिंह के पक्ष में नजर आए। दोनों ने साफ-साफ कह दिया कि अमर सिंह हर हालत में उनके लिए महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और वह उनका साथ देंगे।

क्या इस्तीफा देकर अलग चलेंगे अखिलेश

आज जब पार्टी दफ्तर में हंगामे के बाद सीएम अखिलेश यादव 5 कालीदास मार्ग पर पहुंचे तो यह चर्चा फैल गई कि सीएम इस्तीफा देने जा रहे हैं। कुछ बड़े अफसरों को 5केडी पर बुलाने से यह चर्चा और तेज हो गई। सीएम टीम का मानना है कि मुख्तार जैसे माफिया और अमर सिंह जैसे दलाल के साथ मंच साझा करने से बेहतर है कि अखिलेश अपनी पार्टी बनाएं और लोगों के बीच जाएं। सबको अपनी हैसियत पता चल जायेगी।

Pin It