निगम को ढूंढे नहीं मिल रहे पार्किंग के लिए ठेकेदार

  • पांच बार निविदा निकालने के बाद भी नहीं आया एक भी आवेदन

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पिछले कुछ महीने से लगातार नगर निगम की ओर से पार्किंग के ठेके के लिए पांच बार टेंडर निकाला गया, किन्तु टेण्डर के लिए एक भी आवेदन नहीं आया। वहीं, पार्किंग के ठेके को हथियाने के लिए पार्किंग संचालक नये-नये हथकंडे अपना रहे हैं। आवेदन न आने से अधिकारी भी अचरज में हैं।
दरअसल, मामला है हाईकोर्ट परिसर के बाहर लगने वाले पार्किंग स्टैण्ड का है। यहीं से कुछ दूरी पर कैसरबाग बस स्टैण्ड से पहले नारी कॉलेज के पास लगने वाला स्टैण्ड व सिविल कोर्ट के बाहर लगने वाले नगर निगम के पार्किंग स्टैण्ड का भी कुछ यही हाल है। तीनों पार्किंगों के ठेके के लिए नगर निगम की ओर से बीते दिनों पांच बार टेण्डर निकाले गए। लेकिन एक भी आवेदन नहीं आया। विभागीय सूत्रों की माने तो अगर टेण्डर कोई ठेकेदार नहीं प्राप्त करता है, तो ऐसी स्थिति में विभागीय कर्मचारियों द्वारा पार्किंग को संचालित कराना होता है। ऐसा करना निगम के लिए टेढ़ी खीर होगा। इसीलिए निगम चाहता है कि कोई ठेकेदार निविदा के लिए आवेदन कर दे।
नहीं चाहता कोई लफड़े में पडऩा
हाईकोर्ट के बाहर, सिविल कोर्ट के बाहर व नारी कॉलेज के सामने वाले स्टैण्ड के लिए निकाली गई निविदा के लिए कोई आवेदन ना आने की सबसे बड़ी वजह यहां पर लोकल स्टाफ का फ्री में पार्किंग करना है और ज्यादातर उनसे कोई उलझना भी नहीं चाहता। हालांकि हाईकोर्ट के बाहर की पार्किंग के लिए आवेदन न आना कोर्ट का यहां से गोमतीनगर चले जाना भी बताया जा रहा है।

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