नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे राजधानी के लोग

  • कर न जमा करने पर नगर निगम की 70 गाडिय़ों को सीज कर सकता है परिवहन विभाग
  • हालांकि पहले नोटिस देकर निश्चित अवधि में कर जमा करने के लिए करेगा आगाह

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा अक्सर आम जनता को भुगतना पड़ता है। इस बार निगम के अधिकारियों की लापरवाही दीपावली की खुशियों पर ग्रहण साबित होने वाली है। क्योंकि नगर निगम की करीब 70 गाडिय़ों का परिवहन विभाग में टैक्स जमा नहीं हुआ है। परिवहन विभाग टैक्स न जमा होने की स्थिति में गाडिय़ों को सीज करने का आदेश दे चुका है। ऐसे में शहर को साफ-सुथरा करने की सारी योजनाओं पर पानी फिरना तय है।
परिवहन विभाग ने 70 गाडिय़ों का पंजीकरण शुल्क जमा न होने की स्थिति में गाडिय़ां सीज करने का निर्णय ले लिया है। इस बारे में निगम के अधिकारियों को नोटिस देकर आगाह करने का काम भी किया जा रहा है लेकिन नगर निगम में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी है। जबकि परिवहन विभाग ने टैक्स जमा न करने वाली गाडिय़ों की सूची तैयार कर ली है। इसमें शहर के अलग-अलग वार्डों में कूड़ा उठाने का काम करने वाली 70 गाडिय़ों पर सबसे पहले कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है। अगर कार्रवाई हुई या निगम की गाडिय़ा सीज हुईं, तो घरों से कूड़ा उठाने और उनको दूर लेजाकर डंप करने का काम ठप हो जायेगा। शहर के अधिकांश इलाकों में गंदगी का अंबार लग जायेगा। वहीं मोहल्लों में कूड़ा न उठने की वजह से बदबू से लोगों को जीना दूभर हो जायेगा। ऐसे में आम जनता को दीपावली की रंगत फीकी पडऩे का डर सता रहा है।

गाडिय़ां सीज हुर्इं तो कैसे उठेगा कूड़ा

ये दीपावली लखनऊ वासियों की मुश्किलें बढ़ा सकती है। जहां लोग अपने घर साफ करने में जुटे हुए हैं। अपने घरों का कूड़ा उठाकर सडक़ों पर और कूड़ा उठाने वाली नगर निगम की गाडिय़ों को सौंपने का मन बना रहे हैं, उन्हें निराश होना पड़ेगा। नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही से दीपावली में शहर साफ-सुथरा होने के बजाय गंदा रहने का डर सताने लगा है। दरअसल परिवहन विभाग के रडार पर नगर निगम है। परिवहन निगम के साथ कई ऐसे बकाएदार भी हैं, जिनके वाहन जब्त करने की तैयारी की गई है। सबसे पहले नगर निगम के उन 70 वाहनों को चिन्हित कर बंद किया जाएगा, जो शहर में घर-घर से कूड़ा उठाने का काम करते हैं।

एआरटीओ प्रशासन ने तैयार करवाई सूची

एआरटीओ प्रशासन ने टैक्स बकाएदार वाहनों पर कार्रवाई करने का मन बना लिया है। ट्रांसपोर्टनगर स्थित संभागीय परिवहन कार्यालय में टैक्स बकायेदारों की सूची तैयार कर ली गई है। जब शहर में सभी गाडिय़ां एक्टिव हैं तो जगह-जगह कूड़े के ढ़ेर सजे क्यों मिल रहे हैं। आलम ये है कि हाईकोर्ट ने भी शहर को गन्दा रखने के लिए निगम को फटकार लगाई है। आपको बता दें इन 70 गाडिय़ों में से अधिकतर गाडिय़ां ज्योति इन्वॉयरोटेक के पास ही हैं, जो पिछले 6 साल से पूरे शहर में कूड़ा उठान सही ढ़ंग से नहीं कर पा रही है।

नोटिस के लिए एक लाख का बजट

परिवहन विभाग के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब टैक्स के बकाएदारों को पंजीकृत डाक से नोटिस भेजने के लिए एक लाख रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। इस पैसे को टैक्स बकाएदार वाहन मालिक के पते पर पंजीकृत डाक टिकट लगा लिफाफे में भेजेंगे। इस तरह नोटिस भेजने पर भी खर्च किया जा रहा है। हालांकि नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला है। इसलिए संबधित विभाग से इस विषय में जानकारी मांग कर बचा हुआ कर चुका दिया जाएगा। लेकिन निगम का खजाना खाली होने की वजह से ऐसा हो पायेगा, इसकी उम्मीद कम ही लग रही है।

कर नहीं जमा करने पर होगी कार्रवाई

निगम के पास 160 गाडिय़ां हैं, जो कूड़ा उठाने के कार्य में लगी हैं। इन वाहनों का मालिक स्वयं नगर निगम है। नगर निगम ने परिवहन विभाग में पिछले कई वर्षों से कर जमा ही नहीं किया है। नगर निगम के टैक्स बकाएदार वाहनों को परिवहन विभाग पहले पंजीकृत डाक से नोटिस भेजेगा। इसके माध्यम से कर जमा करने का एक निर्धारित समय देगा। यदि तय समय पर भुगतान नहीं किया जाता है, तो चेकिंग दलों को गाड़ी नंबर की सूची सौंपकर गाडिय़ों को थानों में बंद कराया जाएगा।

क्या कहते हैं अधिकारी

अगर टैक्स बकाया है, तो वह ज्योति द्वारा जमा किया जाएगा, क्योंकि इसके लिए ज्योति इन्वॉयरोटेक जिम्मेदार है। वही कूड़ा उठाने वाली गाडिय़ों का इस्तेमाल भी करता है।
उदयराज सिंह
नगर आयुक्त, नगर निगम

नगर निगम पर परिवहन विभाग का कर बकाया है, तो उसे तय समयांतराल में जमा कराया जाएगा। लेकिन अब तक ऐसी कोई नोटिस नहीं मिली है।
राजेश सिंह
कर अधीक्षक, नगर निगम

नगर निगम पर परिवहन विभाग का कर अगर बकाया है, तो उसे तय समयांतराल में जमा कर देना चाहिए। इसमें लापरवाही नुकसानदायक साबित हो
सकती है।
राजेश सिंह, अध्यक्ष, उ.प्र. नगर निगम कर्मचारी संघ

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