डॉ. सूर्यकान्त को मिला वाचस्पति सम्मान

  • अब तक 63 पुरस्कारों से किए जा चुके हैं सम्मानित

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। केजीएमयू के चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ.सूर्यकान्त को चिकित्सा वाचस्पति सम्मान से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान चिकित्सा के क्षेत्र में हिन्दी भाषा को बढ़ावा देने के लिए अखिल भारतीय हिन्दी सेवा संस्थान ने दिया है। वह चिकित्सा क्षेत्र में अपने बेहतरीन कामों की वजह से अब तक 63 पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं।
डॉ. सूर्यकान्त ने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के इतिहास मे पहली बार एम.डी. पाठयक्रम का शोध प्रबन्धन हिन्दी भाषा में प्रस्तुत किया था, जिसकी अनुमति के लिए उन्हें एक वर्ष तक काफी संघर्ष करना पड़ा। अन्तत: उत्तर प्रदेश विधान सभा द्वारा सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पास कर हिन्दी में शोध प्रबन्धन जमा करने की विशेष अनुमति (1991) में प्रदान की गई। चिकित्सा जगत मे सर्वप्रथम हिन्दी भाषा में शोधपत्र प्रस्तुत करने का श्रेय भी उनको ही जाता है। जब उन्होनें 12 जनवरी 1992 को वाराणसी में प्रदेश स्तर के चेस्ट रोगों की संगोष्ठी में अपना शोध प्रबन्धन हिन्दी में प्रस्तुत किया, तो सभी दंग रह गये थे। डॉ. सूर्यकांत केजीएमयू के रेस्पाइरेटरी मेडिसिन विभाग में विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं।

Pin It