डॉ. रीता जोशी पर अभद्र टिप्पणी से नाराज कांग्रेसियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा

  • शहर कांग्रेस कमेटी के 17 सदस्यों ने दिया इस्तीफा, दर्जन भर से अधिक कार्यकर्ता रीता के आने का कर रहे इंतजार

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी किए जाने से नाराज होकर कांग्रेस के 17 नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है। इसके अलावा दर्जन भर से अधिक नेता रीता बहुगुणा जोशी के लखनऊ लौटने का इंतजार कर रहे हैं। इससे कांग्रेस में पूरी तरह से हडक़ंप मच गया है। इस्तीफा देने वालों ने स्पष्ट कहा है कि रीता एक वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं। वह लंबे समय तक पार्टी में रहीं लेकिन उनके पार्टी छोडक़र बीजेपी में जाने के बाद कांग्रेस के लोगों की अशोभनीय टिप्पणी अनुचित है। ऐसा करने वालों को रोकने के बजाय उच्च पदों पर बैठे लोग बढ़ावा देने में जुटे हैं। इसलिए पार्टी में रहना मुश्किल हो गया है।
रीता बहुगुणा जोशी के बीजेपी में शामिल होने पर कांग्रेस में बड़े स्तर पर टूट की आशंका को 4पीएम ने 21 अक्टूबर के अंक में पहले ही प्रकाशित कर दिया था। इसके बाद से लगातार कांग्रेस से अलग होने को लेकर रीता से जुड़े लोगों की सक्रियता भी देखी गई। कांग्रेस का साथ छोडक़र बीजेपी में शामिल हुईं डॉ. रीता बहुगुणा जोशी आज दोपहर लखनऊ पहुंच रही हैं। उनके आने से पहले ही शहर कांग्रेस कमेटी में बड़े स्तर पर टूट शुरू हो गई है। कांग्रेस में प्रदेश कांग्रेस की सचिव शबनम पांडेय समेत 17 पदाधिकारियों ने मंगलवार को पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा गुरुनानक नगर और गीतापल्ली वार्ड की पूरी वार्ड कांग्रेस कमेटी ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया है। प्रदेश कांग्रेस सचिव शबनम पांडेय का कहना है कि बीजेपी में शामिल होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने डॉ. रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणियां कीं। यह पार्टी में लंबे समय तक जुड़ी रहीं किसी नेता की ही नहीं बल्कि पार्टी में मौजूद सभी महिलाओं के सम्मान पर ठेस है। राजनीति में पार्टी छोडऩे और ज्वाइन करने का सिलसिला चलता रहता है लेकिन किसी के पार्टी छोडऩे पर ऐसा बर्ताव करना उचित नहीं है। इसलिए रीता जोशी के खिलाफ दिए गए अशोभनीय बयानों से आहत होकर पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंप दिया है। गौरतलब हो कि रीता जोशी के भाजपा में शामिल होने के बाद बड़े स्तर पर टूट की आशंका पहले ही जताई जा रही थी। लेकिन मंगलवार को 17 सदस्यों की तरफ से सामूहिक इस्तीफा सौंपने और रीता के आगमन पर पार्टी के कुछ और नेताओं के भाजपा से जुडऩे की अटकलें तेज हो गई हैं। ऐसे में यदि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने पार्टी में टूट को रोकने का कोई ठोस रास्ता नहीं निकाला तो पार्टी को काफी नुकसान हो सकता है। जो विधान सभा चुनावों में कांग्रेस के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है।

Pin It