डब्ल्यूएचओ ने किया आगाह

download-12विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आगाह किया है कि बच्चे बाहरी वातावरण की विषैली हवा के संपर्क में आते हैं, जिससे उन्हें गंभीर शारीरिक हानि हो सकती है। इसका असर उनके विकसित होते मस्तिष्क पर भी पड़ सकता है। यूनिसेफ के शोध में बताया गया है कि दुनियाभर के सात बच्चों में से एक बच्चा ऐसी हवा में सांस लेता है जो अंतरराष्ट्रीय मानकों से कम से कम छह गुना अधिक प्रदूषित है। बच्चों में मृत्यु दर का एक प्रमुख कारण वायु प्रदूषण है।

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