ट्रैक पर दौड़ी अखिलेश के सपनों की मेट्रो

  • रिकॉर्ड समय में मेट्रो तैयार करके अखिलेश ने दिखाया अपना दम
  • मेट्रो की शुरुआत से गया संदेश, अखिलेश कर सकते हैं सबसे तेज विकास के काम
  • लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे के बाद मेट्रो की शुरुआत ने किया साबित, विकास के दम पर चुनाव लड़ेगी अखिलेश सरकार
  • सरकार ने झोंकी अपनी पूरी ताकत और हो गई शुरू मेट्रो
  • किसी को नहीं था अंदाजा इतनी जल्दी शुरू हो जायेगी लखनऊ में मेट्रो

11न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। हरी झंडी दिखाने के बाद जब तक मेट्रो का आखिरी डिब्बा दिखता रहा तब तक सीएम अखिलेश यादव और डिंपल यादव उसको देखकर हाथ दिखाते रहे। दोनों की हालत उस स्टूडेंट की तरह लग रही थी, जिसका रिजल्ट अभी निकला हो और उन्होंने टॉप कर लिया हो। दो सालों से अखिलेश यादव ने जिस मेट्रो को शुरू कराने के लिए दिन-रात एक कर दिया वह मेट्रो आज लखनऊ की ट्रैक पर चली और सबके दिलों को छू गई। लखनऊ की मेट्रो हम सब के लिए एक नया रिकार्ड भी बनाकर लाई कि यह देश में सबसे तेज बनने वाली
मेट्रो है।

सरकार के लिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे और मेट्रो सबसे बड़ी चुनौती थी। जिस समय इन दोनों कामों की शुरुआत सीएम अखिलेश यादव ने की और कहा कि वह अपने कार्यकाल में ही इन दोनों को पूरा करा देंगे तो विपक्ष को क्या उनकी पार्टी के लोगों को भी यकीन नहीं था। मगर इन दोनों कामों को पूरा करने के लिए सीएम अखिलेश यादव ने अपने सभी संसाधन जुटाकर संकल्प किया कि यह काम उनकी सरकार में ही पूरे होंगे और उन्होंने इसको पूरा करके दिखा भी दिया।

आज मेट्रो की शुरुआत में जब सांसद डिंपल यादव ने महिला पायलटों को मेट्रो की चाबी सौंपी तब सीएम अखिलेश यादव का चेहरा खुशी से चमक रहा था। सीएम अखिलेश के इस कदम से साफ हो गया कि आने वाले दो महीनों में प्रदेश सरकार और समाजवादी पार्टी पूरे सूबे में दम के साथ कह सकेगी कि देश में सबसे तेजी से अगर कोई राज्य काम करके दिखा सकता है तो वह उत्तर प्रदेश है।
कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि जिस तरह से आबादी बढ़ रही है उस हिसाब से लखनऊ में मेट्रो होना बेहद जरूरी था। उन्होंने कहा कि हमने अपने घोषणा पत्र में किया गया हर वायदा निभाया। मेट्रो हमारे घोषणा पत्र में नहीं थी फिर भी हमने रिकार्ड समय में लोगों की जरूरतें देखते हुए मेट्रो की शुरुआत की। नोटबंदी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पहले कुछ दिन और फिर पचास दिन की बात हो रही है कि इसके बाद लोगों की परेशानी खत्म हो जाएगी, मगर मैं शुरू से कह रहा हूं कि यह परेशानी एक साल तक खत्म नहीं होने वाली। देश का पूरा विकास इससे रूक गया है। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने सीएम अखिलेश की तारीफ करते हुए कहा कि मेट्रो की शुरुआत से मजदूरों और नौजवानों को काम मिलेगा। कार्यक्रम में शिवपाल यादव, आजम खां, अरविंद सिंह गोप, अहमद हसन, राजेन्द्र चौधरी, अभिषेक मिश्रा, अपर्णा यादव, मधुकर जेटली, गोपाल दास नीरज, गौरव प्रकाश और उदय प्रताप सिंह सहित तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे।

प्राची और प्रतिभा दौड़ाएंगी मेट्रो

महिला ड्राइवर प्राची और प्रतिभा मेट्रो चलाएंगी। मेट्रो में 97 ड्राइवर हैं, जिसमें 21 महिला ड्राइवर हैं। दोनों ट्रेेन ऑपरेटर बीटेक हैं। प्रतिभा इलाहाबाद की हैं, जबकि प्राची मिर्जापुर से हैं। दोनों को खासतौर पर मेट्रो के ऑपरेशन के लिए प्रशिक्षित किया गया है।

रिकॉर्ड समय में तैयार हुई मेट्रो

लखनऊ मेट्रो को बनाने में 4 हजार मजदूर, 790 दिन और 2 करोड़ 53 लाख 16 हजार रुपए रोजाना खर्च हुआ। देश में सबसे कम समय में बनने वाली मेट्रो का रिकार्ड बना है। लखनऊ मेट्रो के चीफ एडवाइजर ई श्रीधरन ने बताया कि लखनऊ मेट्रो 2 साल 2 महीने में बनकर तैयार हुई है। दिल्ली मेट्रो को बनवाने के लिए सरकार ने 10 साल का समय दिया था, लेकिन यहां मेट्रो ने सफर की शुरुआत करने में 7 साल लगा दिए। इस समय देशभर में 12 प्रदेशों में मेट्रो चल रही है, जिसमें लखनऊ मेट्रो सबसे कम समय में बनकर तैयार हुई और चलना शुरू किया।

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