ट्रामा सेंटर से लोगों को भगाए जाने का सिलसिला जारी

  • रोजाना गंभीर बीमारियों से परेशान मरीजों और तीमारदारों के साथ हो रहीं बदसलूकी की घटनाएं

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। राजधानी के केजीएमयू स्थित ट्रामा सेन्टर में चिकित्सकों की संवेदनहीनता कम होने का नाम नहीं ले रही है। यहां के हालात बद से बदतर होजे जा रहे हैं। गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों से ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर सीधे मुंह बात भी नहीं करते हैं। इस बात की शिकायत गोण्डा निवासी गौरव मिश्रा ने की है।
गौरव मिश्रा के मुताबिक मंगलवार की रात वो एक सडक़ हादसे में गम्भीर रूप से घायल हो गये थे। इस घटना के बाद स्थानीय चिकित्सकों ने उन्हें ट्रामा सेन्टर रेफर कर दिया था। परिजन मरीज को लेकर ट्रामा सेन्टर पहुंचे तो वहां की इमरजेंसी मे मौजूद चिकित्सक ने मरीज को अटेंड किया। इसके बाद सिटी स्कैन कराकर न्यूरो सर्जरी विभाग में भेज दिया। वहां मौैजूद चिकित्सकों ने मरीज की रिपोर्ट देखी और स्थिति नाजुक होने के बावजूद भर्ती करने से मना कर दिया। परिजनों ने मरीज की जान और भगवान का वास्ता देकर चिकित्सक के पैर पकड़े और काफी मिन्नतें कीं। इसके बावजूद डॉक्टर का दिल नहीं पसीजा और परिजनों समेत मरीज को भगा दिया। इस वाकये के बाद परिजन मरीज को लेकर बलरामपुर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां उसका इलाज शुरू हो गया है। गौरतलब है कि मंगलवार के दिन ही ट्रामा सेन्टर में भर्ती देवरिया निवासी राम प्रताप की हालत बिगडऩे पर उनका इलाज कर रहा चिकित्सक मुस्कुरा रहा था। जबकि मरीज जिन्दगी और मौत के बीच जूझ रहा था। मरीज को परेशान देखकर भी चिकित्सक गंभीर नहीं हुआ और उसकी अवस्था को सामान्य रूप से लिया। इस घटना के थोड़ी देर बाद मरीज की मौैत हो गयी थी। इसकी शिकायत परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से की है।

Pin It