जांच में प्रयोग हों स्वचालित मशीनें: रविकांत

लखनऊ। चिकित्सा विश्वविद्यालय के कलॉम सेंटर में ब्लड सैम्पल को लेकर एक कार्यक्रम समारोह का अयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि कुलपति पद्मश्री प्रो. रविकांत ने किया। उन्होंने कहा कि किसी ब्लड सैम्पल की जांच की गुणवत्ता तब मानी जानी चाहिए जब हम उस जांच को अलग-अलग लैबोरेटरी में भेजे और सभी लैबोरेटरी की रिपोर्ट एक जैसी आए। लेकिन ये तभी सम्भव है जब सारी लैबोरेटरी पूर्णत: स्वचालित हों। उन्होंने कहा कि केजीएमयू की लैबोरेटरी को कॉलेज ऑफ अमेरिकन पैथोलॉजी के स्टैण्डर्ड पर ले जाना है। कोई भी संस्था इंडस्ट्रीज के बिना ज्यादा तेजी से उन्नति नहीं कर सकती है। अब समय आ गया है कि हमें पूरी तरह से स्वचालित मशीनों का लैबोरेटरी में उपयोग करें, जिससे किसी भी परिणाम पर पूरी तरह से निश्चित हो जायें की मरीज को यह बीमारी है और इसे यह इलाज देना है। हम किसी भी जांच को निश्चित करने के लिए बाहर क्यों भेजे और हमारा स्तर यह होना चाहिए की बाहर के लोग हमारे पास जांच भेजे जिससे चिकित्सा विश्वविद्यालय की आय को भी बढ़ाया जा सके।

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