जनधन खाता, नोटबंदी और कालाधन

अहम सवाल यह है कि सरकार इन खातों के असली और नकली जमाकर्ता की पहचान कैसे करेगी? इन खातों में सबसे ज्यादा पैसा पश्चिम बंगाल में जमा किया गया है। दूसरे नंबर पर कर्नाटक है। देशभर में जनधन खातों में इस दौरान काफी बड़ी रकम जमा की गई है। बैंकों में इतनी मोटी रकम जमा होने की सूचना के बाद खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।

sajnaysharmaनोटबंदी के फैसले को लेकर विपक्ष जहां एक ओर संसद से सडक़ तक मोदी सरकार पर हमलावर है, वहीं दूसरी ओर खुफिया एजेंसियां कालेधन को सफेद करने में जुटे लोगों पर निगाह रखे हुए हैं। नोटबंदी के बाद जनधन खातों में भारी धनराशि जमा होने की सूचना पर सरकार भी हैरान है। देश भर में खोले गए इन खातों में फैसले के बाद से अब तक करीब 21 हजार करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं। वित्तीय खुफिया इकाई एफआईयू ने सभी बैंकों से खातों की राशि और लेन-देन से संबंधित सभी गतिविधियों का हिसाब मांगा है। ब्योरा मिलने के बाद एजेंसी इसकी गहन जांच-पड़ताल करेगी और यदि कोई व्यक्ति अपने खातों के जरिए कालेधन को सफेद करता मिला तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, कई खाताधारक इसे अपनी कमाई की रकम बता रहे हैं। सवाल उठता है कि जिन खातों में अभी तक कायदे से हजार और दस हजार तक नहीं होते थे, उन खातों में रातोंरात लाखों रुपए कैसे और कहां से आ गए? क्या नोटबंदी के बाद कुछ गिरोह इन खातों का इस्तेमाल कालेधन को सफेद करने के लिए तो नहीं कर रहे हैं? अहम सवाल यह है कि सरकार इन खातों के असली और नकली जमाकर्ता की पहचान कैसे करेगी? इन खातों में सबसे ज्यादा पैसा पश्चिम बंगाल में जमा किया गया है। दूसरे नंबर पर कर्नाटक है। देशभर में जनधन खातों में इस दौरान काफी बड़ी रकम जमा की गई है। बैंकों में इतनी मोटी रकम जमा होने की सूचना के बाद खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। सरकार को जनधन खातों के दुरूपयोग की पहले से आशंका थी लिहाजा उसने एजेंसियों को इस पर नजर रखने के निर्देश दिए थे। सवाल यह है कि यदि सरकार को इसका अंदेशा था तो इन खातों में पैसा रखने पर पहले से रोक क्यों नहीं लगाई गई? यदि सरकार सहकारी बैंकों में पैसा जमा करने पर रोक लगा सकती है तो उसने इन खातों पर बैन लगाने पर विचार क्यों नहीं किया? यदि इन खातों के जरिए कालाधन सफेद किया जा रहा है तो सरकार को कालाधन वालों ने बड़ा झटका दे दिया है। हजारों करोड़ कालाधन सफेद हो चुका है क्योंकि शायद ही एजेंसियां इस मामले में अब कुछ कर पाएं। हालांकि सरकार और कर विभाग ने कालाधन दूसरे के खाते में डालने को लेकर आगाह किया था और ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात भी कही थी। प्रावधान है कि यदि किसी व्यक्ति ने इन खातों का प्रयोग कालाधन को सफेद करने में किया तो उसे जुर्माने के साथ सात साल का सश्रम कारावास भी हो सकता है।

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