जनता ने कहा परेशानी हो रही है लेकिन देशहित में कुछ दिन तो मैनेज कर ही सकते हैं

  • बैंकों के बाहर दो दिन से लगातार नोट बदलने और जमा करने के लिए जुट रही भीड़
  • एटीएम के बाहर भी रुपये निकालने के लिए लग रही लंबी कतार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। देश में 500 और हजार रुपये के नोट बंद होने का असर चारों तरफ दिख रहा है। बैंकों में पुराने नोट बदलने, पुराने नोट जमा करने और नये नोट लेने वालों की लंबी कतार लग रही है। एटीएम के बाहर भी पैसे निकालने वालों की अच्छी खासी भीड़ जुट रही है। पुलिस विभाग की तरफ से बैंकों के अंदर और बाहर सिक्योरिटी के कड़े इंतजाम किए गए हैं, इसके अलावा कैश वैन और एटीएम की निगरानी के लिए भी पुलिस को हर समय अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है।
राजधानी में पिछले दो दिनों से बैंकों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं। बैंकों के खुलने का समय सुबह आठ बजे है लेकिन लोग सात बजे से ही बैंकों के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं। वहीं नोट बंद करने के आदेश को लेकर जनता में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रया अभी भी मिल रही है। ऐसे में हमने बैंकों के बाहर लाइन में खड़े लोगों और सिक्योरिटी में तैनात पुलिसकर्मियों से बात की तो उन्होंने भी अपनी समस्या को बखूबी बयान किया।

मैं आईसीआईसीआई बैंक का उपभोक्ता हूं। मैं सुबह से ही बैंक के बागर लाइन में खड़ा हूं। इस बैंक को सुबह 8 बजे खुल जाना था और यह खुल भी गया था। लेकिन सभी कर्मचारी आराम से 10 बजे तक आये। इसलिए बैंक में लेन-देन का काम विलंब से शुरू हुआ। फिलहाल 2000 रुपये के नए नोट को लेकर काफी उत्साहित हूं। यह नोट दिखने में काफी आकर्षक लग रहे हैं।
उमेश, विवेक खंड, गोमतीनगर

शहर के सभी बैंको में पुलिस प्रशासन की तरफ से सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया गया है। पुलिस की डायल 100 नंबर गाड़ी बैंकों के आस-पास राउंड लगा रही है। इसके अलावा बैंकों में आने वाली कैश वैन पर भी पुलिस की नजर है। किसी भी बैंक के अंदर और बाहर कोई गड़बड़ी होने की स्थिति में तत्काल पुलिस पहुंच रही है। वहीं बैंकों में नोट लेने के लिए लोगों की भीड़ भी पहुंच रही है। इसलिए भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी पुलिस की डिमांड की जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने पायेगी।
राम करन, पुलिसकर्मी

मैं यूनियन बैंक का उपभोक्ता हूं। मुझे दो-तीन दिनों में कोई खास दिक्कत नहीं हुई है। लेकिन फिजूलखर्ची बिल्कुल भी नहीं हुई। इसलिए मोदी जी का नोट बंद करने का फैसला एकदम सराहनीय है। ये अलग बात है कि घर में किसी खास जरूरत का सामान लाने में परेशानी न हो, उसके लिए रुपयों का इंतजाम करने के लिए सुबह से ही लाइन में लगा था। यहां सभी लोग बैंक खुलने के टाइम से पहल ही पहुंच गये थे। मतलब सबको पैसों की आवश्यकता है।
राम प्रकाश, पत्रकारपुरम, गोमतीनगर

मैं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का उपभोक्ता हूं। जिस समय नोट बंद करने का आदेश आया। सुनकर मन बेचैन तो हुआ लेकिन घर में 100 और 50 रुपये के कुछ नोट पड़े थे। इसलिए ज्यादा समस्या नहीं हुई। अब बैंक खुले हैं, तो अन्य कामों के लिए पैसों का इंतजाम करने के लिए बैंक के बाहर सुबह से लाइन में खड़ा हूं। पिछले चार घंटे में करीब 200 लोगों की भीड़ काउंटर पर आ चुकी है। लेकिन बैंको का काम सुबह 8 बजे के बजाय रोजाना की तरह 10 बजे ही शुरू हुआ है।
अनिल निगम, विकास खंड, गोमतीनगर

मैं बैंक ऑफ बड़ौदा की उपभोक्ता हूं। बैंक में आईडी प्रूफ लाने के बाद ही नोट बदले और जमा किए जाएंगे, इसकी जानकारी मुझे नहीं थी। इसलिए मैने अपने बेटे को घर भेजकर आईडी मंगवाई। बैंक में आईडी प्रूफ दिखाने के बाद ही नोट बदलने का काम हुआ। इतना पैसा निकल गया है कि घर का काम आराम से चल जायेगा। फिलहाल मोदी सरकार का फैसला जनता के हक में है। इसलिए हम कुछ दिनों की परेशानी उठाने के लिए तैयार हैं।
उमा, हुसडिय़ा चौराहा,गोमतीनगर

मैं बैंक ऑफ इंडिया का उपभोक्ता हूं। मुझे गांव जाना था, लेकिन पांच सौ और हजार रुपये के नोट न चलने के वजह से गांव नहीं जा पाया। इसलिए बैंक खुलने के बाद पुराने नोट बदले के लिए बैंक आया हूं। बैंक में सुबह से ही नोट बदलने के लिए बने काउंटर की लाइन में खड़ा हूं, लेकिन बैंक में 10 बजे के बाद काम शुरू हुआ, इसलिए पैसा बदलने में समय लग गया।
सुनील वर्मा, हुसडिय़ा, गोमतीनगर

मैं पंजाब नैशनल बैंक की उपभोक्ता हूं। बैंक में नोट जमा करने के लिए डॉक्यूमेंट पूरे कर रही हूं, एक तो वैसे भी पैसों की दिक्कत चल रही थी। अब उपर से नोट की दिक्कत शुरू हो गयी थी। नोट न चलने की वजह से घर में काफी परेशानी आ रही थी। इसलिए आज 7 बजे ही बैंक आ गयी थी। लेकिन बैंकों में ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखकर और अधिक काउंटर बनाना चाहिए।
सुषमा गायत्री, विवेक खंड, गोमतीनगर

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