चुनाव से पहले प्रशिक्षु आईएएस अफसरों से मिले यूपी के एक दर्जन केन्द्रीय मंत्री, विपक्ष ने कहा चुनाव प्रभावित करने की साजिश

  • ट्रेनिंग कर रहे 35 आईएएस अफसर कुछ महीनों में आ जायेंगे यूपी में काम करने
  • विपक्ष ने कहा पहली बार इस तरह केन्द्रीय मंत्रियों से मिलवाकर अफसरों को प्रभाव में लेने की कोशिश चुनाव आयोग से शिकायत की तैयारी

 संजय शर्मा
captureलखनऊ। यूपी को जल्द ही 2014 बैच के 35 आईएएस अफसर मिलने वाले हैं। यह यूपी में काम करने आते उससे पहले ही राजनीतिक गलियारों में इनको लेकर चर्चाए शुरू हो गई हैं। उत्तर प्रदेश चुनाव से पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रियों के यूपी कॉडर के प्रशिक्षु आईएएस अफसरों से मुलाकात का मामला गरमा गया है। विपक्ष ने आईएएस अफसरों से की गई इस स्तर की पहली मुलाकात को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा को कटघरे में खड़ा किया है। विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश कॉडर के विभिन्न जिलों में तैनात होने वाले अफसरों से मुलाकात करना केंद्र सरकार की एक सोची समझी चाल है। इसके जरिए केंद्र इन अफसरों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। विपक्ष ने केंद्र के इस कदम को चुनाव से पूर्व साजिश करार दिया है। उसका कहना है कि इससे उत्तर प्रदेश चुनाव के नतीजे प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष इस मामले को लेकर चुनाव आयोग जाने की तैयारी में है। हालांकि केंद्र सरकार ने इस मुलाकात पर सफाई देते हुए कहा है कि यह केवल औपचारिक मुलाकात थी। इसका उद्देश्य अनुभवों को साझा करना है।
दरअसल, यह मामला तब गरमाया जब बुधवार को गृहमंत्रालय में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश से जुडें 11 केंद्रीय मंत्री और यूपी
कैडर 2014 के 35 आईएएस प्रशिक्षु के बीच मुलाकात हुई। युवा आईएएस अधिकारियों को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अधिकारियों को अपने पद की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए। उन्हें समाज के हाशिए पर खड़े आखिरी व्यक्ति के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों पर बड़ी जिम्मेदारी होती है और उन्हें लोगों की भावनाओं को चोट पहुंचाए बिना विश्वास जीतना होता है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में राजनाथ सिंह ने अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने मंत्रियों के नजरिए से पहले अपने नजरिए से चीजों को देखने का आह्वïन अधिकारियों से किया। इस मौके पर रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को हमेशा गरीब लोगों के हितों की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से सशस्त्र बलों के कर्मियों और पूर्व सैनिकों के मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने पर जोर दिया। महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट के रूप में आईएएस अधिकारियों को आम आदमी की समस्याओं को हल करने के लिए करुणा और दया की भावना दिखानी चाहिए। इस मौके पर अल्पसंख्यक मामलों और संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी,  वीके सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण) डॉ संजीव कुमार बालियान, राज्य मंत्री (स्वतंत्र खाद्य प्रसंस्करण उद्योग) साध्वी निरंजन ज्योति, राज्य मंत्री (एचआरडी) डॉ महेंद्र नाथ पांडेय, राज्य मंत्री (स्वतंत्र महिला एवं बाल विकास) कृष्णा राज और राज्यमंत्री (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण)अनुप्रिया पटेल आदि मौजूद रहीं।
मोदी अफसरों से चुनाव जितवाना चाहते हैं: अशोक

कांग्रेस प्रवक्ता अशोक सिंह ने कहा है कि पीएम मोदी समझ गए हैं कि यूपी का चुनाव सिर पर है और भाजपा का सफाया होना तय है। ऐसे में मोदी जी अफसरों के सहारे चुनाव जीतने का सपना देख रहे हैं। आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ कि अफसरों को नौकरी शुरू करने से पहले इस तरह मंत्रियों से मिलवाया जाय। हम इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करेंगे।

भाजपा अफसरों के निष्पक्ष काम करने के पक्ष में:आईपी सिंह

भाजपा प्रवक्ता आईपी सिंह ने कहा है कि हमारी पार्टी को सपा, बसपा और कांग्रेस की तरह ओछे काम करने की आदत नहीं है। प्रदेश की जनता सपा-बसपा के काम से ऊब गई है और कांग्रेस का प्रदेश में कोई जनाधार नहीं है। हम अफसरों को निष्पक्षता से काम करने के पक्षधर है। यह परम्परा है कि अफसरों को हर क्षेत्र के लोगों से मिलवाया जाता है।

मोदी जी की सारी सेटिंग यूपी में फेल होगी: वैभव माहेश्वरी

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता वैभव माहेश्वरी ने कहा है कि यूपी की जनता पूरी तरह से समझ गई है कि पीएम मोदी जी किस तरह से जनता को मूर्ख बनाते हैं। उन्होंने कहा कि चाहे मोदी जी कितनी भी मेहनत कर लें, मगर यूपी में उनके हाथ कुछ लगने वाला नहीं है। भाजपा को अपनी हैसियत दिल्ली के बाद यूपी में समझ में आ जायेगी।

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