चिकित्सकों की लापरवाही ने ली दो मरीजों की जान

परिजनों ने केजीएमयू चिकित्सक पर लगाया आरोप 

रामसागर मिश्रा अस्पताल में मरीज की मौत पर हंगामा

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में मरीजों के इलाज में लापरवाही जारी है। एक ओर जहां केजीएमयू स्थित ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों की लापरवाही से एक मरीज की मौत हो गयी तो दूसरी ओर बख्शी का तालाब स्थित रामसागर मिश्रा अस्पताल में मरीज की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया है। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
देवरिया निवासी राम प्रताप(50)को सडक़ दुर्घटना में सिर में चोट लगी थी। उसे केजीएमयू के ट्रामा सेंटर के न्यूरोलॉजी विभाग में पिछले सप्ताह भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक राम प्रताप आईसीयू में भर्ती थे। तीन दिन पहले किसी और मरीज को भर्ती करने के चलते उसे आईसीयू से बाहर निकाल दिया गया था।
परिजनों का कहना है कि इस मामले पर जब बात की गई तो चिकित्सक ने फटकार दिया। मरीज के परिजन विश्वनाथ ने बताया कि आज जब मरीज की हालत ज्यादा बिगडऩे लगी तो वे इलाज कर रहे डॉ. निखिल के पास गये। लेकिन वे मरीज को देखने नहीं आये। डॉ. निखिल मरीज की रिपोर्ट देख हंसने लगे और गालियां देकर भगा दिया। थोड़ी देर बाद मरीज की मौत हो गई। मरीज के इलाज में लापरवाही तथा डॉक्टर के व्यवहार की शिकायत परिजनों ने डॉ. हैदर अब्बास से की है। उन्होंने परिजनों से आरोपी डाक्टर के विरूद्ध लिखित शिकायत करने को कहा है। दूसरी ओर राजधानी के बख्शी का तालाब स्थित रामसागर मिश्रा अस्पताल में मरीज की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया है। हरदौरपुर निवासी संतराम 65 वर्ष को सोमवार की रात सांस लेने में दिक्कत की शिकायत पर परिजन राम सागर मिश्रा अस्पताल लेकर पहुंचे। रात के समय अस्पताल की इमरजेेंसी में मौजूद चिकित्सक ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए भर्ती कर लिया। लेकिन सुबह सात बजे अचानक मरीज की हालत बिगडऩे लगी।
परिजनों ने चिकित्सक को बुलाया। जब तक चिकित्सक कुछ समझ पाते वृद्ध की मौैत हो गई। इलाज कर रहे चिकित्सक का कहना था कि वृद्ध की सांस नली में किसी खाद्य पदार्थ का टुकड़ा फंस गया था। जिसके कारण उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उनका इलाज किया जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने सही से इलाज नहीं किया। इसके कारण मरीज की मौत हो गयी।

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