गुंडे बाप के गुंडे बेटे को अब आएगी अक्ल, पत्नी की हत्या के आरोप में CBI ने किया गिरफ्तार

  • पत्नी सारा के हत्या के आरोप में सीबीआई ने किया गिरफ्तार
  • शिकायत पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दिए थे सीबीआई जांच के आदेश
  • कवयित्री मधुमिता हत्याकांड मामले में जेल में है अमरमणि

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। आखिरकार गुंडे बाप का गुंडा बेटा भी सलाखों के पीछे पहुंच गया। जेल में बंद सपा नेता अमरमणि त्रिपाठी के पुत्र अमनमणि त्रिपाठी को पत्नी सारा की हत्या के आरोप में सीबीआई टीम ने शुक्रवार को दिल्ली में गिरफ्तार किया। अमनमणि की पत्नी सारा की मौत पिछले साल 9 जुलाई को नेशनल हाईवे नंबर-2 में फिरोजाबाद के पास एक सडक़ हादसे में हुई थी। उस दौरान कार में अमनमणि भी था लेकिन हैरतअंगेज तरीके से अमनमणि को खरोंच तक नहीं आई थी। सारा की मां की शिकायत पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मामले की सीबीआई से जांच कराने के आदेश दिए थे। अमरमणि पहले से ही मधुमिता हत्याकांड में जेल में है। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या का कहना है कि देर से ही सही लेकिन ठीक कार्रवाई हुई है।
9 जुलाई 2015 को अमनमणि अपनी पत्नी सारा के साथ दिल्ली जा रहा था। नेशनल हाईवे नंबर-2 में फिरोजाबाद के पास एक सडक़ हादसे में पत्नी सारा की मौत हो गयी थी। अमनमणि की भूमिका उस समय संदेह के दायरे में आ गई थी जब सारा की मां सीमा सिंह ने आरोप लगाया था कि अमनमणि के इशारे पर उनकी बेटी की हत्या की गई है। सीमा की शिकायत पर फिरोजाबाद में अमनमणि के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। अमनमणि की शादी सारा से 2013 में लखनऊ के आर्य समाज मंदिर में हुई थी। लेकिन उनके पिता अमरमणि और उनकी पत्नी मधुमणि इस शादी के खिलाफ थे। सारा की मां सीमा की शिकायत पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। सीबीआई इस मामले की तफ्तीश कर रही है। अमरमणि और मधुमणि पहले ही कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में जेल में है। जानकारों की माने तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आपराधिक प्रवृत्ति के अमरमणि को पार्टी में रखना नही चाहते थे। लेकिन बाद में उन्हें पार्टी में शामिल कर लिया गया था। अमनमणि को हाल में समाजवादी पार्टी ने विधानसभा का टिकट दिया है। अनुमान लगाया है कि गिरफ्तारी के बाद अमनमणि का सपा से पत्ता साफ हो सकता है।

पत्रकारों और पुलिसकर्मियों को बनाया था निशाना

हादसे के बाद अमनमणि को अस्पताल ले जाया गया था। जिसकी सूचना पर करीब दर्जनों माफिया और गुंडे अस्पताल पहुंचे थे। मौके पर पत्रकार भी पहुंचे। मीडिया को देख अमनमणि भडक़ उठे और उनके गुर्गों ने पत्रकारों पर हमला कर दिया था। कई मीडिया कर्मियों के कैमरे टूटे गए थे। अमनमणि ने पुलिस कर्मियों से हाथापाई भी की थी। लेकिन आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।

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