गांवों में भी सेट टॉप बॉक्स लगवाना होगा अनिवार्य

  • 31 दिसंबर के बाद गांवों में ठप होगा एनालॉग केबल प्रसारण

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

captureलखनऊ। जिले में नये साल यानी एक जनवरी 2017 से अब गांवों में भी सेट टॉप बॉक्स के जरिए ही केबल प्रसारण देखा जा सकेगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर प्रशासन ने 31 दिसंबर से हर हाल में गांवों में एनालॉग केबल प्रसारण ठप करने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अल्टीमेटम के बाद प्रशासन ने मनोरंजन कर विभाग को इस दिशा में तेजी के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। जिले के करीब आठ सौ राजस्व गांवों में 31 दिसंबर 2016 तक केबल टीवी प्रसारण को पूरी तरह डिजिटलाइज बनाने का काम प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को राहत दी जा सके। वहीं ग्राम पंचायतों का प्रसारण पूरी तरह डिजिटल करने के प्रशासन के आदेश के बावजूद सरकार की मंशा के अनुरूप लगभग दो महीने में गांवों को सेट टॉप बॉक्स से लैस करने का काम मुश्किल लग रहा है। हालिया स्थिति ये है कि गांवों में योजना को क्रियान्वयन करने वाले मल्टी सिस्टम आपरेटर (एमएसओ) अब तक दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में केबल नेटवर्क को डिजिटल नेटवर्क में बदलने के लिए जरूरी एसटीबी (सेट-टाप-बॉक्स) को लेकर असमंजस बरकरार है। दरअसल सूचना एवं प्रसारण मंत्रलय द्वारा 31 दिसंबर की तारीख तय करने के बाद से सेट टॉप बॉक्स की उपलब्धता को लेकर संकट है।
जिला प्रशासन की तरफ से सेट टॉप बॉक्स सिस्टम को लेकर ढि़लाई बरतने वाले केबल आपरेटरों और एमएसओ के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। जबकि मनोरंजन कर विभाग के सभी निरीक्षकों को कहा गया था कि जो भी एमएसओ या फिर केबल आपरेटर सेट टॉप बॉक्स को लेकर उपभोक्ताओं को परेशान कर रहे हों उनके खिलाफ रिपोर्ट दें। इस बारे में प्रभारी अधिकारी व एडीएम टीजी अशोक कुमार ने जिला मनोरंजन कर अधिकारी को ग्रामीण इलाकों में प्रचार-प्रसार करने और सभी आठ विकास खंडों का डिजिटलाइजेशन का आंकड़ा मांगा है। दरअसल एमएसओ और केबल आपरेटर टैक्स चुराने के लिए शहरी इलाकों में भी सेट टॉप बॉक्स का पूरा रिकार्ड देने से बचते हैं।

Pin It