क्वीन मेरी में गर्भवती की मौत पर हंगामा

  • समय से इलाज न करने का परिजनों ने लगाया आरोप

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। केजीएमयू के क्वीन मेरी अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही कम होने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को समय से इलाज न मिलने के चलते एक गर्भवती की मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि दो दिन पहले जब वे उसे लेकर अस्पताल आए थे, तो उन्हें लौटा दिया गया। आज फिर आने पर दो घंटे तक लेबर रूम में बिना इलाज मरीज को बिठाए रखा गया। समय पर इलाज नहीं मिलने पर उसकी मौत हो गई।
बाराबंकी के फलहपुर निवासी दयाराम की 40 वर्षीय पत्नी दयावती आठ माह की गर्भवती थी। दयाराम ने बताया कि पिछले कई दिनों से उसे रक्तस्राव हो रहा था। उसका इलाज बाराबंकी के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। हालत गंभीर होने पर उसे निजी अस्पताल से जिला अस्पताल बाराबंकी रेफर किया गया था। परिजन उसे गुरूवार को क्वीन मेरी अस्पताल लेकर आए। दयाराम ने बताया कि उस समय इमरजेंसी में मौजूद रेजिडेंट चिकित्सकों ने उन्हें लौटा दिया और कहा कि बेड खाली नहीं है। निराश परिजन उसे लेकर फिर बाराबंकी आ गए। शनिवार की सुबह 10 बजे अस्पताल आए, यहां गर्भवती महिला को भर्ती कर लिया गया, लेकिन इलाज नहीं किया गया। लगभग दो घंटे तक दयावती को भर्ती रखा गया। उससे किसी को मिलने नहीं दिया गया। इसके बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने उसकी मौत की सूचना दी। आक्रोशित परिजनों ने इस पर हंगामा किया।
पति का आरोप है कि दो दिन पहले इलाज मिल जाता तो दयावती की जान बचाई जा सकती थी।

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