कैल्शियम की कमी से हड्डियों का घनत्व घटना खतरनाक

  • लोहिया संस्थान में मनाया गया ऑस्टियोपोरोसिस सप्ताह

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। ऑस्टियोपोरोसिस या हड्डियों का कमजोर होना साइलेंट डिजीज माना जाता है। इस बीमारी की जानकारी अक्सर हड्डियां टूटने की घटना के बाद होती है। इसलिए 30-35 की उम्र का होने के बाद हड्डियों में कैल्शियम की नियमित जांच कराना जरूरी है। इससे बीमारी का शुुरुआती दौर में ही पता चल जाता है, इंसान दवा और बेहतर खान-पान से हड्डियों की बीमारी के खतरे को मिटा सकता है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉ. विरेदर सिंह गोगिया के मुताबिक तेजी से बढ़ती आबादी, घनी बस्तियों और दिन भर कमरों में रहने की आदत खतरनाक साबित हो रही है। इंसान की जीवनशैली में बदलाव शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। 30 से 35 उम्र के लोगों में हड्डियों का बनना कम व गलना अधिक होने लगता है। इसलिए खानपान व संतुलित जीवनशैली में सुधार कर इस रोग से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि हड्डिïयों में कैल्शियम व विटामिन डी की कमी से हड्डिïयां कमजोर हो जाती हैं,जिससे हड्डिïयों का घनत्व कम हो जाता है। इसलिए लोगों को जागरूक करने के मकसद से ऑस्टियोपोरोसि डे और वीक मनाया जाता है।

 

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