केजीएमयू में चरम पर संवेदनहीनता रात भर तड़पती रही महिला मरीज

  • चिकित्सक ने परिजनों से की गाली गलौज, पीलिया से पीडि़त के इलाज से किया मना
  • उप चिकित्सा अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद शुरू हुआ उपचार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। राजधानी स्थित किंगजार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रामा सेन्टर के डॉ. सीताराम के चलते मरीज की जान पर बन आयी। पीलिया से पीडि़त मरीज को पहले भर्ती करने से मना किया बाद में 12 घंटे तक इलाज नहीं किया। डॉक्टर ने परिजनों से गाली गलौज भी किया। मरीज को उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वेद प्रकाश के हस्ताक्षेप के बाद ही भर्ती कराया जा सका।
सुबह जब दोबारा डॉॅ. वेद प्रकाश को डॉ. सीताराम के मरीज के प्रति गलत व्यवहार की जानकारी हुयी तो उन्होंने दूसरे चिकित्सक से मरीज का इलाज शुरू कराया। रविवार को दीपावली का त्यौहार के दिन सिद्वार्थ नगर निवासी मंजू यादव 20 को गम्भीर हालत में परिजन ट्रामा सेन्टर लेकर पहुंचे। वहां मौजूद डॉ.सीताराम ने मरीज की पुरानी रिपोर्ट देखकर कहा कि मरीज को पीलिया है। इसका इलाज यहां नहीं हो सकता है। मरीज को बलरामपुर या फिर पीजीआई लेकर जाओ। जिसके बाद परिजनों ने हाथ पांव जोड़े। लेकिन डॉ.सीताराम का दिल नहीं पसीजा। मरीज की बहन प्रिया केजीएमयू के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.एससी.तिवारी तथा उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वेद प्रकाश से बात की। डॉ. वेद प्रकाश ने मरीज की नाजुक हालत देखते ही भर्ती कराया। इस पर डॉ. सीताराम ने मरीज के परिजनों को भद्ïदी गालियां दीं और इलाज से मना कर दिया। मरीज की बहन प्रिया का आरोप है कि डॉ. सीताराम ने गालियां दीं। 12 घंटे तक मरीज को बिना इलाज स्टे्रच पर ट्रामा सेन्टर में रखा। सुबह तीन बजे गांधी वार्ड भेज दिया। लेकिन मरीज स्ट्रेच पर ही पड़ा रहा, जबकि बेड खाली था। प्रिया का कहना था कि जब वहां पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह बेड दूसरे मरीज के लिए है। सुबह भी डॉ. सीताराम ने मरीज को नहीं देखा। बाद में डॉ. मुकेश ने मरीज इलाज शुरू किया।

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