कृषि विभाग के सौ फीसदी अनुदान के दावे की खुली पोल, किसान लगा रहे चक्कर

  • दस्तावेजों को जमा करने के बाद भी किसानों को नहीं मिला भुगतान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। किसानों को खाद, बीज के साथ कृषि उपकरणों की खरीद के लिए दिए जाने वाले अनुदान से पहले किसानों को पूरा भुगतान करना होता है लिहाजा अनुदान पाने के लिए कर्ज लेकर कृषि उपयोगी यंत्र खरीदने को बाध्य किसानों ने अनुदान पहले देने की मांग की है। दूसरी ओर कृषि विभाग की ओर से पिछले वित्तीय वर्ष के किसानों को 100 फीसद अनुदान देने के दावे के बावजूद किसानों को अनुदान का इंतजार है।
सरोजनीनगर के सुरेश कुमार का कहना है कि गेहूं का संकर बीज सहकारी बीज की दुकान से खरीदा था। अनुदान के लिए पूरा पैसा भी जमा कर दिया। दस्तावेजों को देने के बावजूद दो साल से उन्हें अनुदान की राशि नहीं मिली। अकेले सुरेश कुमार ही नहीं माल के राधेलाल और निगोहां के विश्वनाथ सिंह को भी एक वर्ष से अनुदान की राशि नहीं मिली। किसान कृषि अधिकारियों के साथ ही बैंक के चक्कर लगाकर थक चुके हैं। किसानों का कहना है कि बैंक अधिकारी पैसा न आने की बात कहते हैं तो कृषि विभाग अनुदान भेजने की बात कह रहा है। कोई भी अधिकारी सही जानकारी नहीं देता। उपकृषि निदेशक डॉ. टीएम त्रिपाठी ने बताया कि जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है। एक से दो फीसद किसानों को अनुदान मिलने में दिक्कत आ रही है। अनुदान को पारदर्शी बनाने के लिए राशि सीधे किसानों के खाते में भेजी जाती है। ऐसे में किसानों को पहले पूरा भुगतान करना होता है।

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