कानपुर में रेल हादसा, 100 की मौत सैकड़ो घायल

  • इमरजेंसी ब्रेक के चलते इंदौर-पटना एक्स. की 14 बोगियां क्षतिग्रस्त

  • बोगियों को काट कर निकाले जा रहे शव, चिकित्सकी टीम मौके पर

  • मुख्यमंत्री ने घायलों की मदद के लिए ग्रीन कारीडोर बनाने के दिए निर्देश

  • मृतकों के परिजनों को मुआवजे का ऐलान, रेल मंत्री प्रभु ने दिए जांच के आदेश

  • राष्टï्रपति प्रणब मुखर्जी, पीएम मोदी व सीएम अखिलेश ने हादसे पर जताया दुख

captureलखनऊ। कानपुर के पुखरायां के पास रविवार तडक़े करीब 3.15 बजे इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे का शिकार हो गई। इमरजेंसी ब्रेक लगाने से 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में 100 यात्रियों की मौत हो गई है जबकि 250 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। घायलों को कानपुर व आसपास के जिलों के अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाया जा रहा है। मृतकों की संख्या में इजाफा होने की आशंका है। बोगियों में अभी भी कई यात्री फंसे हैं। चिकित्सकीय व अन्य टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। बोगियों को काटने के लिए इंजीनियरों की एक टीम मौके पर मौजूद है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घटनास्थल से आने वाली सभी एम्बुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री राहत कोष, रेलवे, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकारों ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा हालाज का जायजा लेने के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। रेलवे ने यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

नॉर्दन सेंट्रल रेलवे के प्रवक्ता विजय कुमार ने बताया कि हादसा कानपुर से 100 किमी दूर पुखरायां के पास सुबह करीब 3 बजे हुआ। किसी तकनीकी गड़बड़ी के चलते ट्रेन के ड्राइवर ने फुल इमरजेंसी ब्रेक लगाया। इससे कई डिब्बे पिचक गए। कुछ डिब्बे खेतों में जा गिरे। लोगों के शवों के टुकड़े बिखरे पड़े थे। कई शख्स ऐसे थे जो किसी दूसरे डिब्बे में सफर करने की वजह से बच गए लेकिन अपने परिवार को खो चुके थे। अपनों की लाश देख वे चीख रहे थे। कई डिब्बे मलबे में बदल गए थे। चारों-तरफ चीख पुकार मची है। जिस समय डिब्बे पटरी से उतरे वहां लोगों को बचाने वाला कोई नहीं था। एस3, एस2 पूरी तरह मलबे में बदल गए थे। शायद ही उन डिब्बों में से कोई बचा हो। महिलाएं और बच्चे रो रहे थे। कई लोग अपने परिवार के लोगों की लाश लेकर इधर से उधर दौड़ रहे थे। रेलवे के मुताबिक, सिटिंग/लगेज कम्पार्टमेंट, जीएस, ए-1, बी1, बी 2, बी3, बीई, एस1, एस2, एस3, एस5, एस6 में ज्यादा नुकसान हुआ है। जहां हादसा हुआ, वहां से एक गांव करीब 1 किमी दूर था। ट्रैक से 500 मीटर की दूरी पर हाईवे था। आधे घंटे के अंदर एंबुलेंस और गांव के लोग आ गए और रेस्क्यू का काम शुरू हुआ।

हादसे के बाद काई ट्रेने रद, कुछ के रस्ते बदले गए 

कानपुर के पुखरायां स्टेशन के पास इंदौर-पटना एक्सप्रेस के हादसे के बाद कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। साथ ही कुछ ट्रेनों के रूट भी बदले गए हैं। मसलन 11109 झांसी-लखनऊ इंटरसिटी और 51803 झांसी-कानपुर पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। 12542 और 12522 आगरा और कानपुर के रास्ते चलेंगी। 12541 भीमसेन, बांदा, इटारसी होकर चलेगी। 12534 को ग्वालियर और इटावा होकर चलाया जाएगा। मौके पर रेलवे तथा जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद हैं। कानपुर से भोपाल की ओर आने वाली गाडी डायवर्टेड रास्ते से भोपाल आएंगी। ऐसे में इन ट्रेनों के आने में हो देरी सकती है। इसके अलावा 12107 वाया आगरा टुंडला कानपुर, 11016 वाया इलाहाबाद मानिकपुर बांदा झांसी, 12104 वाया कानपुर बांदा झांसी, 12511 वाया कानपुर बांदा झांसी होकर जाएगी।

हेल्प लाइन नंबर

झांसी-05101072
ऊरई-051621072
कानपुर-05121072
पोखरयान-05113-270239
इलाहाबाद- 05321072
टूंडला – 056121072
अलीगढ़ – 05711072
इटावा- 056881072
फतेहपुर – 051801072

सुरेश प्रभु ने दिए जांच के आदेश

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि हादसे की वजह जानने के लिए जांच शुरू की जाएगी। प्रभु ने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पीडि़तों की मदद के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। राजनाथ सिंह भी सुरेश प्रभु के साथ लगातार संपर्क में हैं।

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