प्रदेश में आक्रोश दिवस का मिलाजुला असर, कांग्रेस-सपा ने किया प्रदर्शन

  • कई दलों के कार्यकर्ता नोटबंदी के फैसले के खिलाफ सडक़ पर उतरे
  • बसपा और व्यापार मंडल ने प्रदर्शन से किया किनारा, कई स्थानों पर दुकानें रहीं बंद
  • इलाहाबाद में सपा कार्यकर्ताओं ने ट्रेनें रोकीं मोदी का फूंका पुतला

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। नोटबंदी के खिलाफ विपक्षी दलों ने आक्रोश दिवस पर आज उत्तर प्रदेश समेत देश भर में प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस सहित कई दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि बसपा और व्यापार मंडल इससे अलग रहा। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि वह नोटबंदी के खिलाफ हंै, लेकिन विरोध प्रदर्शन में पार्टी शामिल नहीं होगी। वहीं एसपी सांसद नरेश अग्रवाल ने आक्रोश दिवस को पूरी तरह सफल बताया है। राजधानी लखनऊ में विरोध प्रदर्शन किया गया।
राजधानी लखनऊ में विरोध प्रदर्शन के दौरान कई बाजारों में दुकानें बंद रहीं। हालांकि अधिकांश दुकानें खुलीं रहीं। इलाहाबाद में सपा कार्यकर्ताओं ने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। इसके चलते कई ट्रनों की आवाजाही बाधित रही। प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी फूंका। दूसरी ओर आदर्श व्यापार मंडल ने मोदी के नोटबंदी के फैसले का समर्थन किया और पैदल मार्च निकाला।
नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले के खिलाफ संयुक्त विपक्ष के आक्रोश दिवस और कांग्रेस के भारत बंद का उत्तर प्रदेश पर मिलाजुला असर दिखा। राजधानी लखनऊ के साथ ही प्रदेश के लगभग हर शहर में बाजार खुले रहे हैं। इक्का-दुक्का दुकानें ही बंद हैं। गाजियाबाद से लेकर चंदौली तथा सहारनपुर से लेकर झांसी तक बाजार खुले रहे। मुरादाबाद में कांग्रेस के भारत बंद की हवा निकल गई। किसी भी व्यापारी संगठन ने बाजार बंद कराने की कोशिश नहीं की और ना ही राजनीतिक दल के कार्यकर्ता व नेता बाजार बंद कराने आए। मुस्लिम व्यापारी संगठनों ने भी बाजार बंद नहीं किया है। व्यापारियों का कहना है कि प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर उनके व्यापारिक संगठन के पदाधिकारियों ने बंद का आह्वान नहीं किया है। सियासी आह्वान पर बाजार कतई बंद नहीं किया जाएगा। अमरोहा, रामपुर और संभल में भी बाजार खुला रहा। बरेली में भी बंद का असर नहीं दिख रहा है। कांग्रेसियों ने शहर में रैली निकाली है। रामपुर और कन्नौज में भी में बंदी बेअसर है। आज भारत बंद के आह्वान का कन्नौज में कोई असर नहीं दिखाई पड़ रहा है। बाजार और सडक़ों पर लगी दुकानें पहले की तरह खुले हैं। तिर्वा, गुरसहायगंज, सरायमीरा, मकरन्दनगर से लेकर छिबरामऊ समेत अन्य क्षेत्रों में भी यही स्थिति रही। कांग्रेस की भारत बंदी पूरी तरह बेअसर दिखी। किसी भी राजनीतिक दल ने कोई कार्यक्रम और कांग्रेस की तरफ से लखनऊ में कोई बड़ा नेता शामिल नहीं था।
वहीं व्यापारियों ने कहा कि 500 और 1000 रुपये की नोटबंदी के खिलाफ विपक्ष के आज के भारत बंद के पक्ष में लखनऊ की जनता नहीं है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष समेत कई बड़े नेता नहीं हुए शामिल

कांग्रेस ने आज बंद के साथ ही जनाक्रोश रैली करने का फैसला किया था। लखनऊ में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को आना था, लेकिन अब राज बब्बर भी नहीं आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वीरेंद्र मदान ने बताया कि राज बब्बर लखनऊ में जन आक्रोश रैली में शिरकत नहीं कर सकेंगे। वह आज राज्यसभा में मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि राजीव शुक्ला भी आगरा में जन आक्रोश रैली में शामिल नहीं होंगे। पार्टी व्हिप के कारण प्रदेश से चारों राज्यसभा सांसद दिल्ली में मौजूद हैं।

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