कल से नहीं लिए जाएंगे पांच सौ और हजार रुपये के पुराने नोट

  • आज आधी रात से कहीं नहीं चलेंगे पांच सौ और हजार रुपये के पुराने नोट

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureनई दिल्ली। देश भर में आज रात 12 बजे के बाद से पांच सौ के पुराने और हजार रुपये के पुराने नोट का चलन पूरी तरह से बंद हो जायेगा। हालांकि 30 दिसंबर तक पांच सौ के पुराने और हजार रुपये के नये नोट केवल बैंक में जमा किए जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवंबर की रात आठ बजे पांच सौ और हजार रुपये के पुराने नोटों को बंद करने का निर्णय लिया था। इन नोटों को रेलवे, पेट्रोल पम्प, केन्द्र और राज्य सरकार से संबंधित विभागों में कर जमा करने में इस्तेमाल किया जा सकता था। इसके अलावा बैंकों में पहले चार हजार और उसके बाद दो हजार रुपये एक दिन में बदलने का निर्देश दिया गया। सरकार ने 24 नवंबर तक पुराने नोटों का प्रचलन निर्धारित जगहों पर चलाने का निर्देश दिया था। यह समय सीमा आज रात 12 बजे समाप्त हो जायेगी। वहीं किसानों को सरकार की तरफ से पुराने नोटों को लेकर खास छूट दी गई है। किसान 500 रुपए के पुराने और हजार रुपये के नोटों से भी बीज खरीद सकते हैं।

जिला सहकारी बैंकों में कर्मचारियों की हड़ताल

  • पांच सौ के पुराने और हजार रुपये के नोट जमा करने पर रोक का मामला

लखनऊ। जिला सहकारी बैंकों में पांच सौ और हजार रुपये के नोट जमा करने पर रोक को लेकर बैंक के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान हजरतगंज स्थित जिला सहकारी बैंक की शाखा पर इकट्ठा सैकड़ों कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाये। वहीं सहकारी बैंकों में भी कैश जमा करने की अनुमति देने की मांग की है।
जिला सहकारी बैंक लिमिटेड की 370 शाखाएं हैं। इन सभी ब्रांचों में पांच सौ और हजार रुपये के पुराने नोट जमा करने पर रोक लगा दी गई है। सरकार ने सहकारी बैंकों में नोट जमा करने का फैसला करने से पूर्व बयान जारी किया था कि सहकारी बैंकों के माध्यम से कालेधन को सफेद करने का खेल चल रहा है। इस बात की शिकायतें लगातार मिली हैं। इसलिए सहकारी बैंकों में पांच सौ और हजार रुपये के नोट जमा करने पर रोक लगा दी थी। सरकार के इस निर्णय का लगातार विरोध किया जा रहा है। तमाम राजनीतिक दलों की तरफ से भी सहकारी बैंकों में नोट जमा करने पर लगी रोक हटाने की मांग की गई लेकिन सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला। ऐसे में सहकारी बैंकों की सभी 370 ब्रांचेज में आज सुबह से ही कर्मचारी हड़ताल पर है। कर्मचारियों ने पोस्टर और बैनर के माध्यम से सरकार के फैसले का विरोध करना भी शुरू कर दिया है।

इन जगहों पर नहीं चलेंगे

सरकारी अस्पताल, दवा दुकान, पेट्रोल पंप, बिजली-पानी बिल, ट्रेन, हवाई जहाज और मेट्रो टिकट, रेलवे कैटरिंग और स्मारकों के टिकट, दूध केंद्र, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, शवदाह गृह और कब्रिस्तान, स्थानीय निकायों के पेंडिंग बिल या टैक्स, कोर्ट फीस और सहकारी स्टोर पर भी पांच सौ रुपये के पुराने और हजार रुपये के नोट का चलन बंद हो जायेगा।
बने अलग काउंटर
वाणिज्य कर विभाग में भी टैक्स या दूसरे बकाया भुगतान के लिए आज अलग काउंटर बनाये गये हैं। इन काउंटर्स पर व्यापारी पुराने या मौजूदा टैक्स, ड्यूज, पेनॉल्टीफीस, रिकवरी सर्टिफिकेट समेत दूसरे भुगतान पांच सौ के पुराने और हजार रुपये के नोट से कर सकते हैं। इसके लिए हर वाणिज्य कर मंडल कार्यालय में विशेष काउंटर बनाकर संग्रह अमीनों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है।

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