एसजीपीजीआई ने बनाई मच्छर पकडऩे की मशीन

  • अल्ट्रावॉयलेट किरणों के जाल में फसेंगे मच्छर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एसजीपीजीआई के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग की हेड प्रो. टीएन ढोल द्वारा दो साल की रिसर्च के बाद मशीन तैयार की गयी। इस मशीन का नाम मॉस्किटो ट्रैपर मशीन है, जिससे अल्ट्रा वॉयलेट किरणें निकलती हैं। इस मशीन की तरफ रात में मच्छर आकर्षित होते हैं। इसके बाद उसी मशीन में गिर जाते हैं। मशीन के अंदर चिपचिपा व जहरीले लेप वाला कागज होता है, जिसके संपर्क में आते ही मच्छर व कीट-पतंगे मर जाते हैं।
इस मशीन के बारे में डॉ. ढोल ने बताया कि मशीन में चार जालियां होती हैं। बड़े छेद वाली जाली सबसे ऊपर और सबसे पतली वाली जाली सबसे नीचे। ऐसे में बड़े कीट ऊपर फं से रहते हैं, जबकि मच्छर नीचे गिर जाते हैं। यह प्लान प्रमुख सचिव अरुण सिन्हा के सामने पेश किया। दरअसल हाईकोर्ट के आदेश पर बनी टेक्निकल कमेटी की बैठक में केजीएमयू और लोहिया इंस्टिट्यूट समेत कुछ रिसर्च सेंटरों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही इसके मुताबिक एक्शन प्लान तैयार कर सकती है।

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