एक्सप्रेस-वे, लड़ाकू विमान और तरक्की के रास्ते

किसी भी राज्य में सडक़ मार्ग तरक्की के रास्ते भी होते हैं। इसी के जरिए न केवल जनता एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचती है बल्कि किसान अपनी उपज को आसानी से दूर स्थित मंडियों तक पहुंचा पाते हैं। इससे उन्हें फसल का उचित मूल्य मिल पाता है। यह एक्सप्रेस-वे दस छोड़े-बड़े शहरों को आपस में जोड़ता है। जाहिर है इसके आसपास बसे गांवों के किसानों को इसका फायदा मिलेगा।

sajnaysharmaप्रदेश की सपा सरकार ने तरक्की की एक और इबारत लिखी है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सपनों का एक्सप्रेस वे शुरू हो गया है। छह लेन वाले इस एक्सप्रेस वे की कुल लंबाई 302 किमी है। एक्सप्रेस-वे आगरा से शुरू होकर फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, हरदोई, कानपुर नगर और उन्नाव होते हुए लखनऊ तक पहुंचेगा। इसके निर्माण के लिए 10 जिलों के 232 गांवों की 3500 हेक्टेयर भूमि किसानों से खरीदी थी। खास बात यह है कि इसे रिकार्ड समय में तैयार किया गया। सवाल यह है कि यह एक्सप्रेस वे जनता, देश और प्रदेश के लिए कितना लाभकारी है? क्या यह आने वाले दिनों में तरक्की का एक्सप्रेस वे बनेगा? क्या यह राज्य के राजस्व को बढ़ाने में अपनी भूमिका निभा सकेगा? किसी भी राज्य में सडक़ मार्ग तरक्की के रास्ते भी होते हैं। इसी के जरिए न केवल जनता एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचती है बल्कि किसान अपनी उपज को आसानी से दूर स्थित मंडियों तक पहुंचा पाते हैं। इससे उन्हें फसल का उचित मूल्य मिल पाता है। यह एक्सप्रेस-वे दस छोड़े-बड़े शहरों को आपस में जोड़ता है। जाहिर है इसके आसपास बसे गांवों के किसानों को इसका फायदा मिलेगा। इन शहरों से तमाम तरीके के उत्पाद भी एक-स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से पहुंच सकेंगे। लिहाजा बाजार में खाद्य व अन्य उत्पादों के दामों पर भी असर पड़ेगा। एक्सप्रेस-वे के किनारे मैनपुरी और कन्नौज में वीआईपी मंडियां बनाई जा रही हैं। भविष्य में इसका असर आस-पास के लोगों पर असर पड़ेगा। इसके अलावा यहां स्मार्ट सिटी, पार्क और फिल्म सिटी भी प्रस्तावित है। इससे रोजगार के साधन उत्पन्न होंगे, जिसका फायदा यहां के स्थानीय निवासियों को मिलेगा। कृषि, हैंडीक्राफ्ट, टूरिज्म और दूध के कारोबार में भी तरक्की की संभावना है। सबसे खास बात यह है कि युद्ध की स्थिति में इस एक्सप्रेस-वे का इस्तेमाल लड़ाकू विमानों की लैंडिग व उड़ान भरने के लिए रनवे की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा। ऐसा पहली बार हुआ है, जब एक्सप्रेस-वे का निर्माण लड़ाकू विमानों की लैडिंग का ध्यान रखते हुए किया गया है। यहां सुखाई समेत तीन लड़ाकू विमानों की सफल लैडिंग ने एक नया रास्ता खोल दिया है। इसके अलावा एक्सप्रेस-वे आने वाले दिनों में राज्य के राजस्व में भी वृद्धि करेगा। उम्मीद है एक्सप्रेस-वे तरक्की का एक रास्ता साबित होगा।

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