इस रथ पर सवार होकर संदेश देंगे अखिलेश

  • 3 नवंबर से शुरू कर रहे हैं सीएम अपनी रथ यात्रा
  • आज सीएम ने देखा अपना रथ और दिए कार्यकर्ताओं को निर्देश
  • एमएलसी सुनील साजन के क्षेत्र उन्नाव तक जायेंगे रथ यात्रा के पहले चरण में

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
1लखनऊ। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज अपनी खूबसूरत बस का निरीक्षण किया। इस बस पर सवार होकर ही सीएम प्रदेश में अपने कामों को लोगों तक पहुंचायेंगे और बतायेंगे कि किस तरह उनकी सरकार ने समाज के हर वर्ग के लिए काम किए। आज सीएम के आवास पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे। सीएम ने सबको कहा कि सब लोग रथ यात्रा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तैयारियों में जुट जाएं।
सीएम की रथ यात्रा वाली बस को खास तौर से तैयार किया गया है। इस बस में एलईडी के साथ-साथ सरकार की योजनाओं के प्रसार के लिए सभी सुविधाएं लगाई गईं हैं। रथ यात्रा के पहले चरण में सीएम अखिलेश यादव उन्नाव तक जायेंगे। यह विधान परिषद सदस्य सुनील साजन का क्षेत्र है, जो सीएम के बेहद करीबी हैं, मगर आजकल पार्टी से बाहर हैं। उन्होंने इस रथ यात्रा को सफल बनाने के लिए दिन रात एक कर दिया।

जेल से भागे आठ आतंकी, पुलिस ने किए ढेर, विपक्ष ने कहा फर्जी है मुठभेड़

  • एडीजी व डीआईजी जेल समेत सात अधिकारी सस्पेंड
  • विपक्ष ने एनकाउंटर पर उठाया सवाल, जांच की मांग
  • मानवाधिकार आयोग ने मांगा जवाब

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
भोपाल। दीपावली की रात मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की सेंट्रल जेल से प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के आठ आतंकी फरार हो गए। सोमवार की सुबह पुलिस ने सभी को मुठभेड़ में मार गिराया। खुफिया सूचना में गुनगा थाना क्षेत्र के अचारपुरा में आतंकियों की जानकारी मिली थी। इस मामले में एडीजी और डीआईजी जेल सहित सात अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, मानवाधिकार आयोग ने जेल और पुलिस प्रशासन को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। दूसरी ओर विपक्ष ने एनकाउंटर के बाद जारी वीडियो को लेकर सवाल उठाए हैं। तडक़े साढ़े तीन बजे जेल के बी ब्लॉक में बंद सिमी के आठ आतंकियों ने बैरक तोडऩे के बाद हेड कांस्टेबल रमाशंकर की हत्या कर दी। आतंकी चादर की मदद से दीवार फांदकर फरार हो गए। फरार आतंकियों की पहचान अमजद, जाकिर हुसैन सिद्दीक, मोहम्मद सालिक, मुजीब शेख, मेहबूब गुड्डू, मोहम्मद खालिद अहमद, अकील और माजिद के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक उनके पास से चार हथियार बरामद हुए हैं। वहीं, राज्य के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि संदिग्धों के पास कोई हथियार नहीं थे, उनके पास केवल जेल की वे प्लेटें थीं, जिससे उन्होंने गार्ड का गला रेत दिया और फरार हो गए।
गौरतलब है कि आतंकियों का सुराग देने पर 5-5 लाख का इनाम भी घोषित किया गया था। बताया जाता है कि इंदौर से गृह मंत्रालय को इस संबंध में खुफिया रिपोर्ट भी मिली थी। लेकिन रिपोर्ट को गंभीरता से नहीं लिया गया। आतंकियों ने 2008 और 2011 में खंडवा और दूसरी जगह भी दो कांस्टेबलों की हत्या की थी। तीन 2013 में खंडवा में जेल से फरार होने की एक पूर्ववर्ती घटना में भी शामिल थे।

क्या है वीडियो में

वीडियो में एक पुलिसकर्मी एक बेजान शरीर पर गोली दाग रहा है। दूसरे वीडियो में दिखायी देता है कि कुछ ही दूरी पर संदिग्ध दिखाई देते हैं। एक आवाज आती है। कंट्रोल! ये पांचों लोग हमसे बात करना चाहते हैं। तीन भागने की कोशिश कर रहे हैं। चलो उन्हें घेर लो! इसके बाद गोलियों की आवाज आती है। एक अन्य गैर सत्यापित मोबाइल वीडियो जिसे कथित रूप से एक गांव वाले ने उस वक्त फिल्माया जब पुलिस संदिग्ध आतंकियों के शरीरों की जांच कर रही है, इसमें एक पुलिसवाला साफ तौर पर एक मरे हुए व्यक्ति पर गोलियां चलाता दिख रहा है, जिसके ठीक पहले उस पुलिसवाले का एक साथी एक अन्य शव की बेल्ट से स्टील प्लेट जैसी कोई चीज निकालता नजर आ रहा है। भोपाल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी योगेश चौधरी ने कहा कि हम वीडियो फुटेज की प्रमाणिकता की जांच करेंगे।

एनकाउंटर पर सियासत तेज, न्यायिक जांच की मांग

सिमी के 8 आतंकियों को मार गिराए जाने पर राजनीति तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने एनकाउंटर की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। वहीं, भाजपा ने घटना को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। एमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस पर जांच बिठानी चाहिए। कैदी अच्छी तरह से कपड़े पहने कैसे हो सकते हैं? वाम नेता बृंदा करात ने कहा है कि सरकार का बयान संदिग्ध है और विरोधाभासों से भरा हुआ है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी सवाल उठाए हैं। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने कहा कि मुठभेड़ फर्जी है इसकी जांच की जानी चाहिए। केजरीवाल ने ट्वीट किया, यह बहुत गंभीर है। हम सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग करते हैं। वहीं, भाजपा नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा, वे लोग जघन्य अपराधों में लिप्त थे। पुलिस ने बहादुरी भरा काम किया है. क्या कांग्रेस और अन्य पार्टियों का सवाल उठाना जायज है? बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि जब आतंकियों को पकड़ा जा सकता था तो उन्हें मुठभेड़ में क्यों मारा गया। जेल से आतंकी भागे कैसे इसकी जांच होनी चाहिए।

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