आज के दिन ही प्यार के बंधन में बंधे थे अखिलेश और डिंपल

  • 1999 में सैफई में हुई थी अखिलेश यादव की शादी
  • आज भी प्रदेश में इस जोड़े को लोग करते हैं सबसे ज्यादा पसंद
  • सीएम से कम ब्रांडिंग नहीं हैं डिंपल की, लोग उनकी सादगी के हैं मुरीद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
11लखनऊ। यूं तो सीएम अखिलेश यादव आज भी उतने ही नौजवान नजर आते हैं, मगर 1999 में उनका शर्मीला रूप देखने वाले लोग अंदाजा नहीं लगा सकते कि शादी पर अखिलेश कितने तनाव में थे। यादव परिवार में उनके पिता शुरुआत में इस विवाह को लेकर सहज नहीं थे, मगर विवाह के 17 साल बाद आज पूरा परिवार यह मानता है कि अखिलेश और डिंपल से बेहतर जोड़ी किसी की नहीं हो सकती। आज भी किसी प्रोग्राम में जब डिंपल और अखिलेश साथ-साथ जाते हैं तो लोग कहते हैं राजनीति में इतना बेहतर कपल कोई दूसरा नहीं हो सकता।
17 साल के बाद जब इस दंपत्ति के तीन बच्चे हैं तब भी यह नौजवानों के लिए एक ऐसा जोड़ा है जो सार्वजनिक जगहों पर भी बिना कुछ कहे प्यार की भाषा बोलता नजर आता है। अखिलेश यादव ने इस प्रेम विवाह की मर्यादा का पूरा ध्यान रखा और अपनी पत्नी डिंपल यादव का हर स्थिति में साथ दिया। डिंपल जब संासद बनीं तब लोग उन पर सवाल खड़े कर रहे थे, मगर डिंपल ने न सिर्फ राजनीतिक क्षेत्र में बल्कि सामाजिक क्षेत्र में भी जबरदस्त काम किया। बच्चों के कुपोषण से लडऩे के लिए सार्थक योजना बनाने की बात हो या फिर समाज कल्याण की महिला पेंशन योजना का मामला हो, डिंपल हर जगह सक्रिय नजर आईं और उनको आगे बढ़ाने के लिए उनको बेतहाशा प्यार करने वाले पति अखिलेश हर पल उनके साथ नजर आए। आज लोग बड़ी संख्या में इस दंपति को ऐसे ही प्यार के साथ रहने की शुभकामनाएं देते नजर आए।

नोटबंदी को लेकर दोनों सदनों में भारी हंगामा सांसद अक्षय यादव ने स्पीकर पर फेंका कागज, लोकसभा पहुंचे सीएम अखिलेश

  • नोटबंदी को लेकर पूरे विपक्ष के निशाने पर है सरकार
  • लोकसभा और राज्यसभा में भारी हंगामा, कई बार सदन स्थगित
  • 28 को विपक्ष पूरे देश में नोटबंदी के खिलाफ मना रहा है आक्रोश दिवस
  • पीएम के सर्वे पर भी उठे सवाल, कहा गया कि सर्वे है फर्जी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। नोटबंदी को लेकर विपक्ष सरकार को चैन से बैठने नहीं दे रहा। आज भी लोकसभा और राज्यसभा में इस मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा हुआ। हंगामे के कारण कई बार सदन स्थगित हुए और जब लोकसभा चलने की स्थिति नहीं आईं तो लोकसभा कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन में उस समय सनसनी फैल गई जब सपा सांसद अक्षय यादव ने कागज का गोला स्पीकर पर फेंक दिया। इस बीच सीएम अखिलेश यादव भी लोकसभा पहुंचे और सपा सांसदों के अलावा कई अन्य राजनेताओं से भी मुलाकात की।
भाजपा को यह चिंता सता रही है कि जिस तरह से विपक्ष नोटबंदी के मामले में एकजुट हो रहा है, उससे आने वाले चुनाव में भाजपा के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बन सकता है। विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि नोटबंदी के कारण सूबे में 75 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, मगर सरकार ध्यान नहीं दे रही।
पीएम मोदी को जिस तरह लोकसभा और राज्यसभा में बुलाने की मांग की गई उसने भी ना सिर्फ भाजपा बल्कि पीएम मोदी को भी बैक फुट
पर ला दिया। पीएम मोदी के भावुक होने की आज राज्यसभा में जमकर खिंचाई की गई। कहा गया कि अगर पीएम ऐसे भावुक होकर रोएंगे
तो पूरी दुनिया में इसका गलत संदेश जायेगा। विपक्ष के हंगामे के
कारण सदन में कामकाज नहीं हो पा रहा है।

मूर्खों की दुनिया में जी रहे लोग: शत्रुघ्न

भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने नोटबंदी को लेकर एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने नोटबंदी को लेकर कराए गए सर्वे पर सवाल उठाए हैं। शत्रुघ्न सिन्हा ने ट्विटर पर लिखा कि मूर्खों की दुनिया में जीना बंद करें लोग। लोगों को हो रही तकलीफ को समझें।

पीएम का सर्वे है फर्जी: मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि नोटबंदी पर पीएम का सर्वे फेक और स्पॉन्सर्ड है। राज्यसभा के बाहर मायावती ने कहा कि अगर पीएम मोदी में हिम्मत है तो लोकसभा भंग करवाएं, चुनाव करवाएं, सही सर्वे तभी होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव में भाजपा को इस नोटबंदी का खामियाजा भुगतना होगा।

देश को भारी पड़ेगी नोटबंदी: मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि नोटबंदी के फैसले से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इसके चलते देश में अब तक साठ पैंसठ लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि लोग अपना पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं। इस फैसले से किसान और छोटे कारोबारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से देश की जीडीपी 2 प्रतिशत कम हो
सकती है।

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