आखिर मानी गई सीएम की, नेताजी ने कहा नहीं होगा कोई गठबंधन

  • सीएम अपनी बेहतर छवि और विकास कार्यों के दम पर लडऩा चाहते थे अकेले चुनाव
  • नेताजी ने आज कर दिया ऐलान नहीं करेंगे कोई गठबंधन, अकेले लड़ेगे चुनाव
  • नेताजी के ऐलान से कांग्रेस पसीने-पसीने
  • नेताजी ने कहा कि अगर कोई चाहे तो कर सकता है पार्टी में विलय

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने आज ऐलान कर दिया कि उनकी पार्टी किसी के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। सपा मुखिया का यह बयान सीएम अखिलेश यादव की जीत माना जा रहा है क्योंकि वह किसी भी गठबंधन के खिलाफ थे। अलबत्ता सपा मुखिया ने यह कहा कि कोई दल चाहे तो वह सपा में विलय कर सकता है। ऐसा करके उन्होंने अजित सिंह की पार्टी के सपा में विलय के दरवाजे खोल दिए हैं। सपा मुखिया का आज का बयान कांग्रेस के लिए बहुत भारी पड़ गया हैं, क्योंकि कांग्रेस अपने दम पर अपना पिछला प्रदर्शन भी दोहरा पायेगी इसकी संभावना कम है।
प्रशांत किशोर पिछले काफी दिनों से कांग्रेस के साथ सपा का गठबंधन करने के लिए परेशान थे। उन्होंने जब पहली मीटिंग सपा मुखिया के साथ की थी तब मीटिंग में अमर सिंह मौैजूद थे और यही बात थी कि सीएम अखिलेश यादव ने प्रशांत किशोर को कई दिनों तक मिलने का टाइम भी नहीं दिया था और जब नेताजी ने उनसे कहा कि पीके से मिल लो तो सीएम ने पीके को समझा दिया था कि उनकी हैसियत 60 सीटों से ज्यादा नहीं है।
सपा में शिवपाल यादव पीके के साथ-साथ अजित सिंह से भी मिले थे और लालू तथा शरद यादव के साथ उन्होंने मुलाकात की थी। तब माना जा रहा था कि शिवपाल का खेमा गठबंधन चाहता है, जबकि सीएम अकेले चुनाव लडऩा चाहते हैं। कल भी सीएम ने कहा था कि अकेले सपा सरकार बना लेगी और गठबंधन हुआ तो 300 से भी ज्यादा सीटें जीतेंगे।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने भी नोट बंद करने के मामले में आज भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अचानक नोट बंद हो जाने से आम आदमी को बेहद परेशानी का सामना कर पड़ रहा है। अस्पतालों में दवा नहीं मिल रही है और गरीब को खाना नहीं मिल रहा है। सपा मुखिया ने आरोप लगाया कि भाजपा ने कालाधन के मामले में देश के लोगों से झूठ बोला। उन्होंने कहा कि लोग बीमार हो रहे हैं और उन्हें दवा तक नहीं मिल पा रही है।

सपा मुखिया के बयान से कांग्रेस खेमे में मायूसी

सपा मुखिया मुलायम सिंह के बयान से कांग्रेस खेमे में मायूसी छा गई है। कांग्रेस के लोग मान कर चल रहे थे कि हर हालत में सपा से गठबंधन हो जायेगा। इस स्थिति में वह चुनाव में ठीक-ठाक स्थिति हासिल कर लेंगे। कांग्रेस के कई नेता अपने-अपने क्षेत्रों में यही मानकर तैयारी भी कर रहे थे कि उन्हें सपा से गठबंधन के कारण कुछ जातियों के वोट मिल जायेंगे, मगर अचानक नेताजी के ऐलान के बाद इन लोगों के पसीने छूट गए हैं। यूपी में पीके की सारी रणनीति फेल हो गई है और राहुल गांधी की यात्राएं भी फ्लॉप साबित हुईं है। ऐसे में पीके को भी अपना भविष्य अंधकारमय लग रहा है। पीके इसी कारण चाहते थे कि किसी भी हालत में सपा से गठबंधन हो जाए, जिससे उनकी साख बची रहे, मगर आज मुलायम सिंह ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। कांग्रेस के कुछ लोग कह रहे हैं कि अब कांग्रेस को बसपा से बात करनी चाहिए। समय कम है और अब यह बात कैसे हो पाए इसकी रणनीति बनाने में सभी जुटे हैं।

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