हेडली के खुलासे से मिलता सबक

हेडली ने कई चौंकाने वाले बयान दिये हैं। उसने कहा है कि मुंबई हमले के कुछ ही हफ्तों बाद पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी उसके घर आए थे। गिलानी हेडली के पिता की मौत पर गम जाहिर करने गए थे। इससे पहले, फरवरी में अपनी गवाही में हेडली ने आईएसआई के कुछ अफसरों के भी नाम लिये थे जिन्होंने मुंबई हमले की योजना को मूर्त रूप देने में मदद की थी।

sanjay sharma editor5डेविड कोलमैन हेडली की गवाही ने पाकिस्तान के 26/11 हमले में हाथ होने की सारी सच्चाई की पोल खोल दी है। हेडली ने पाकिस्तान को बुरी तरह से बेपर्दा कर दिया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस गवाही में हेडली ने कई चौंकाने वाले बयान दिये हैं। उसने कहा है कि मुंबई हमले के कुछ ही हफ्तों बाद पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी उसके घर आए थे। गिलानी हेडली के पिता की मौत पर गम जाहिर करने गए थे। इससे पहले, फरवरी में अपनी गवाही में हेडली ने आईएसआई के कुछ अफसरों के भी नाम लिये थे जिन्होंने मुंबई हमले की योजना को मूर्त रूप देने में मदद की थी। इन खुलासों के बाद मुंबई हमले को सिर्फ गैर-राजकीय तत्वों की कारस्तानी बताने की पाकिस्तानी दलील कहीं ठहरती नहीं है।
इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने यह बयान दिया था कि कश्मीर में आतंकी गुटों को अपनी सक्रियता बढ़ाने के लिए उन्होंने मदद की थी। इसके बाद भी पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सेदार होने का दम भरता रहा है। इसी की आड़ में अमेरिका उसे सैनिक साजो-सामान, यहां तक परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम लड़ाकू विमान बेचने में भी हिचक नहीं दिखाता। आज हेडली के खुलासों के बाद पाकिस्तान फिर कठघरे में है। अमेरिका के पाकिस्तान के प्रति नरम रवैया भी इसके बाद सवालों के घेरे में है। आखिर क्यों पश्चिमी देश पाकिस्तान पर आतंकवाद रोकने के लिए कोई कड़ा कदम नहीं लेते हैं। इराक तथा सीरिया के कुछ हिस्सों पर आईएस के कब्जे और पेरिस और अब बेल्जियम में हुए आतंकी हमले के बाद आतंकवाद का कहर अब पूरे तरह से दुनिया को अपनी गिरफ्त में लेता दिखाई देता है। इसलिए दुनिया को हेडली के खुलासे और मुशर्रफ की हांमी को समझना होगा।
हाल के दिनों में पाकिस्तान की एक संसदीय समिति ने आह्वान किया कि उनके देश को आतंकवाद का रणनीतिक इस्तेमाल करने का राह अब छोड़ देना चाहिए। पिछले दिनों नवाज शरीफ सरकार ने दहशतगर्दी की कई साजिशों के बारे में भारत को आगाह किया। आतंकवाद से पाकिस्तान भी प्रभावित है। लेकिन इसका पाक पर कोई बड़ा असर नहीं होता दिखाई देता। ऐसा लगता है कि पाकिस्तान की आतंकवाद पर दोमुंही नीति है। ऐसे में हमारी सरकार को हेडली के खुलासों से सबक लेने की जरूरत है। इससे पाकिस्तान के दोहरी रणनीति से निपटने का मौका मिलेगा।

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