हाल-ए-ई-थाना: 72 घंटे में दर्ज हुई मात्र एक रिपोर्ट

  • अव्यवस्था की भेंट चढ़ी प्राथमिकी दर्ज कराने की नई व्यवस्था
  • स्टेट क्राइम ब्यूरो कार्यालय में शुरुआत में ही दगा दे गया सर्वर
    प्रचार-प्रसार की कमी के कारण नहीं दर्ज हो पा रही शिकायत

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जनता को थानों के चक्कर से मुक्ति दिलाने के मकसद से खोला गया ई-थाना अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया है। यहां सर्वर की गड़बड़ी की वजह से आन-लाइन शिकायत दर्ज करवाना मुसीबत बन गया है। इसके अलावा नई व्यवस्था का प्रचार-प्रसार न होने की वजह से भी आम जनता को लाभ पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना दम तोड़ती नजर आ रही है।
पुलिस महकमे ने छोटे-छोटे मामलों की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए आम जनता को थानों के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाने की योजना बनाई थी। इसी योजना के अंतर्गत महानगर स्थित स्टेट क्राइम ब्यूरो के दफ्तर में पहला ई-थाना खोला गया। इसमें आनलाइन प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कर्मचारियों की तैनाती भी की गई लेकिन सर्वर डाउन रहने की वजह से पिछले 72 घंटे में मात्र एक व्यक्ति की ही रिपोर्ट दर्ज हो पाई है। जबकि उत्तर प्रदेश में हर घंटे क्राइम की दर्जनों वारदातें होती रहती हैं। ई-थाने में मात्र एक रिपोर्ट दर्ज होने की वजह प्रचार-प्रसार में कमी को माना जा रहा है। ई-थाने की एक कम्प्यूटर आपरेटर ने बताया कि पुलिस की वेबसाइट पर दो हेल्प लाइन नबंर दिए गए हैं। इन नंबरों पर लोग फोन करके आन लाइन शिकायत दर्ज करने से संबंधित जानकारी ले रहे हैं। लोगों को आनलाइन रिपोर्ट दर्ज करने का तरीका ही मालूम नहीं है। उसने बताया कि अभी तक ई-थाने में मात्र एक ही रिपोर्ट दर्ज हुई है, जबकि ऑन लाइन रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए दर्जनों लोग फोन कर चुके हैं।
थाने में भी दर्ज होगी रिपोर्ट
पुलिस विभाग की तरफ से ई-थाना खोलने का प्रमुख कारण थाने में आने वाले फरियादियों की संख्या को नियंत्रित करना था। अक्सर देखा जाता है कि लोग छोटे-बड़े हर तरह के मामलों को लेकर सीधे थाने पहुंचते हैं। मामला गंभीर नहीं होने की वजह से कई बार पुलिस वाले छोटे मामले दर्ज नहीं करते हैं। ऐसे लोग पुलिस विभाग पर शिकायत दर्ज नहीं करने का आरोप लगाते रहते हैं। इसी वजह से पुलिस विभाग में ई-थाने की व्यवस्था शुरू की गई है। जिसका मकसद छोटे-मोटे मामलों की ऑन लाइन शिकायत दर्ज कराना है।
ई-थाने के एक एसएसआई ने बताया कि लोगों को इस बात का भ्रम होने लगा है कि ई-थाना शुरू होने से अब उनके छोटे-मोटे मामले थाने में दर्ज नहीं होंगे। इसी वजह से बहुत से लोग कंट्रोल रूम में फोन करके ऑन लाइन एफआईआर और मैनुअल एफआईआर के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं। दरअसल नई व्यवस्था के बावजूद सभी थानों में बड़े मामलों के अलावा छोटे मामले भी दर्ज होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था इसलिए नहीं बंद की जा रही है क्योंकि बहुत से लोग इंटरनेट व मोबाइल का इस्तेमाल करना ही नहीं जानते हैं। ऐसे में जो लोग मोबाइल और इंटरनेट फ्रेंडली नहीं है, वे थाने पहुंचकर अपनी रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं।
कानपुर के सॉफ्टवेयर डेवलपर ने दर्ज करायी थी रिपोर्ट
कानपुर निवासी सॉफ्टवेयर डेवलपर चंन्द्र प्रकाश यादव ने शुक्रवार को ई-थाने में पहली ऑन लाइन रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। किसी ने उनका मोबाइल फोन लूट लिया था, जिसकी आन लाइन रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में शिकायतकर्ता ने बताया था कि वह गुरूवार की रात खाना खाने गुरुदेव पैलेस गए थे। रात में करीब 8:45 बजे मोबाइल फोन पर बातचीत करते हुए पैदल ही अपने घर की तरफ जा रहे थे। इसी बीच रास्ते में पीछे से आए बाइक सवार बदमाशों ने झपट्टा मारकर उनका मोबाइल छीन लिया। मोबाइल छीनकर भागने वालों के पीछे चंद्र प्रकाश शोर मचाते हुए दौड़े लेकिन बदमाश कानपुर यूनिवर्सिटी की ओर भाग गए। इस संबंध में घटना के अगले दिन यानी शुक्रवार को वह एफआईआर दर्ज कराने कल्यानपुर थाने पहुंचे, तो वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें ऑनलाइन रिपोर्ट लिखाने का सुझाव दिया। तब उन्होंने अपने मोबाइल की लूट से संबधित रिपोर्ट अपने ऑफिस में बैठकर दर्ज करवाई। चन्द्र प्रकाश ने प्राथमिकी दर्ज कराने वाली नई व्यवस्था की काफी सराहना की है।

शुरुआत में ही बैठने लगा सर्वर

जानकारों की माने तो ई-थाने का सर्वर पहले दिन से ही बहुत स्लो काम कर रहा है। इसकी वजह से आपरेटर को शिकायतकर्ता की बातें सुनकर ऑनलाइन दर्ज करने में काफी समस्या होती है। यदि सर्वर स्लो होने की वजह से रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पाती है, तो सारी प्रक्रिया दोबारा करना पड़ता है। ऐसे में पुलिस महकमे की नई योजना को लेकर विभाग और आम जनता में सवाल उठने लगे हैं कि , जब शुरुआती दौर में सर्वर का यह हाल है तो आने वाले दिनों में क्या होगा।

आराम फरमा रहा ई-थाने का स्टाफ

पुलिस महकमे ने विभाग को सातों दिन और चौबीसों घंटे सक्रिय दिखाने के मकसद से ई-थाने की शुरुआत की है। व्यक्ति अपने साथ होने वाली आपराधिक घटनाओं की रिपोर्ट थाने का चक्कर लगाये बिना दर्ज करवा सकता है लेकिन हकीकत में ई-थाने का सारा स्टाफ आराम फरमाता मिला। हमारे संवाददाता ने ई-थाने का औचक जायजा लिया तो, वहां पर ई-थाने के बाहर तैनात चपरासी सो रहा था। थाने के अंदर दो सब इंस्पेक्टर मौजूद थे लेकिन दोनों आराम फरमा रहे थे। वहीं कुछ आपरेटर कम्प्यूटर पर गेम खेलकर टाइम पास करते नजर आये। एक सब इंस्पेक्टर ने बताया कि ई-थाने में अभी फिलहाल 30 लोगों का स्टाफ तैनात किया गया है, जबकि वहां पर मात्र दो सब इंस्पेक्टर, एक सिपाही और तीन कम्प्यूटर आपरेटर ही उपस्थित मिले। इन लोगों का कहना था कि जब थाने में काम होगा, तभी तो काम करेंगे। इसी वजह से गप-शप मार कर टाइम पास कर रहे हैं।

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