हादसे के बाद स्मृति ने नहीं की थी पीडि़तों की मदद

  • पीडि़त की बेटी संदली ने कहा कि स्मृति ने मदद की होती तो जिंदा होते पिता

  • पीडि़त परिवार ने दर्ज कराया मुकदमा

 a34पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नोएडा। यमुना एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे में पीडि़त परिवार ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर दुर्घटना के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाने में मदद नहीं किये जाने का आरोप लगाया है। शनिवार रात दुर्घटना के बाद स्मृति ईरानी ने ट्वीट कर पीडि़तों की मदद की बात कही थी। एचआरडी मिनिस्टर की कार से टक्कर के बाद एक शख्स की मौत हो गई थी। आज पीडि़त परिवार ने स्मृति पर आरोप लगाते हुए मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें लापरवाही से कार चलाने की बात की गई है। जख्मी लडक़ी ने कहा कि हादसे के बाद हमारी मदद नहीं की गई। हादसे में मारे गए रमेश कुमार नागर की बेटी संदली ने मीडिया से कहा कि मंत्री ने हमें मदद करने से साफ मना कर दिया था।
संदली ने कहा कि एक्सीडेंट के बाद हमने पापा को जल्द हॉस्पिटल ले जाने की बात की थी लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। वे नीचे उतरीं, देखने के बाद फिर कार में बैठ गईं। इसके बाद शीशा चढ़ाया और निकल गईं। नागर के बेटे अभिषेक ने कहा कि उन्होंने एक बार भी हमारी हालत जानने की कोशिश नहीं की। हालांकि शनिवार रात मंत्री ने जो ट्वीट किया था उसमें उन्होंने कहा था कि जख्मी लोगों को हॉस्पिटल पहुंचा कर उनकी मदद की गई।
कैसे हुआ था हादसा ?
संदली के मुताबिक, हम लोग नोएडा में एक शादी फंक्शन में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे। हमारी बाइक की स्पीड बहुत कम थी फिर भी पीछे से एक कार ने हमें टक्कर मार दी। रमेश की बाइक को पीछे से होंडा सिटी कार ने टक्कर मारी थी। होंडा सिटी कार के पीछे स्मृति ईरानी के काफिले की गाडिय़ां चल रही थी, जो अचानक हादसे के बाद एक-दूसरे से टकरा गईं। मृतक रमेश कुमार आगरा के कालिंदी विहार का रहने वाला है। हादसे में उसकी बेटी और बेटा भी घायल हुए थे। वहीं दूसरी तरफ मथुरा के एसएसपी राकेश कुमार सिंह ने कहा था कि घायलों की मदद की गई थी। एसपी ग्रामीण अरुण कुमार सिंह ने भी कहा था कि एक्सप्रेस-वे पर होंडा सिटी और बाइक सवार की टक्कर हुई थी। इसी दौरान स्मृति ईरानी की कार और कई गाडिय़ां आपस में टकरा गए। इस हादसे में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पूरी तौर पर सुरक्षित बताई गयी थी। कुछ माह पूर्व सांसद हेमा मालिनी भी सडक़ दुर्घटना में पीडि़त परिवार की मदद न करने के कारण विवादों में आ गई थी।

MLC चुनाव नतीजों से गदगद अखिलेश ने कहा, यह है समाजवाद की असली जीत!

  • 36 में से 31 पर सपा की जीत, भाजपा रह गयी खाली हाथ, बसपा को दो और कांग्रेस को मिली एक सीट

  • मुख्यमंत्री ने जताया सोशल मीडिया के जरिए आभार

  • माफिया बृजेश सिंह भी बना अब माननीय

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एमएलसी चुनाव नतीजों ने सपा खेमे में उत्साह भर दिया है और पार्टी के कार्यकर्ता इसे शुभ संकेत बताकर इसे 2017 का टे्रलर मान रहे हैं। एमएलसी की स्थानीय निकाय कोटे की 36 में से 31 पर सपा ने जीत हासिल कर विधान परिषद में भी अपना दबदबा कायम कर लिया है। रविवार को आए एमएलसी चुनावों के नतीजों में सपा ने 28 में से 23 सीटें जीत ली। आठ सीटों पर सपा के प्रत्याशी निर्विरोध चुनाव जीत चुके हैं। ऐसे में सौ सीटों वाली विधान परिषद में सपा के कुल 58 सदस्य हो गए हैं। इन चुनावों के नतीजों से बसपा और कांग्रेस में जहां एक तरफ मंथन शुरू हो गया है, वहीं भाजपा खेमे में पूरी तरह से चिंता में डूबती दिखाई दे रही है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विकास के एजंडे पर सवार समाजवादी पार्टी ने एमएलसी चुनावों में भारी जीत हासिल कर विपक्षी पार्टियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इसमें पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव की नसीहतों का भी असर है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चुनावी रणनीति भी इन चुनावों में पूरी तरह से कामयाब रही। इस कारण विरोधी दल अधिकांश जगह कामयाब नहीं हो पाए। नतीजतन, समाजवादी पार्टी 31 सीटें जीत कर विधान परिषद में बहुमत पा गई। अलबत्ता, उसके सामने बसपा व निर्दलीय दो-दो सीट व कांग्रेस एक सीट जीतने में कामयाब रही।
भाजपा के लिए यह चुनाव इसलिए भी दुखदायी रहे कि ना सिर्फ वह चुनावी मैदान से बाहर रही और उसका कोई भी प्रत्याशी चुनाव नहीं जीता साथ ही पार्टी नेताओं पर आरोप भी लगा कि उन्होंने पैसे लेकर ऐसे लोगों को टिकट दे दिए जो चुनाव लड़े ही नहीं और सपा के खेमे में जाकर खड़े हो गए। अब इस पर भाजपा ने एक जांच कमेटी गठित की है।
कई मोर्चों पर बनाई गई रणनीति
एमएलसी चुनाव के लिए पार्टी को प्रत्याशी तय करने में खासी मुश्किलें आईं। बस्ती में मंत्री राजकिशोर के भाई का टिकट काट कर सनी यादव को प्रत्याशी बनाया गया। टिकट वितरण में असंतोष को शांत करने के लिए तीनों बड़े नेताओं ने मंत्रियों को उन्हीं के इलाके की जिम्मेदारी दे दी ताकि उनकी प्रतिष्ठा भी चुनाव से जुड़ जाए। इसी का असर रहा कि पार्टी तमाम जगह कड़ी चुनौती के बाद भी जीत गई। पार्टी जानती थी कि इन चुनावों के नतीजों की गूंज आने वाले कई महीनों तक सुनाई देगी। अब जब विधानसभा चुनाव का आगाज हो चुका है ऐसे में यह नतीजे समाजवादी पार्टी के लिए बेहद सकून भरे हैं।

यूपी एमएलसी का नया गणित
सपा – 58
बीएसपी – 16
बीजेपी – 7
कांग्रेस – 2
आरएलडी – 1
टीचर – 5
निर्दलीय – 6

सीएम ने सोशल मीडिया से जताया आभार
एमएलसी चुनावों में जीत के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए अपना आभार जताया। सोशल मीडिया के जरिए सीएम ने कहा कि आप लोगों के विश्वास की जीत इन चुनावों में फिर से नजर आई। अपना भरोसा जताने के लिए धन्यवाद

बसपा के खाते में दो सीट
मुजफ्फरनगर, सहारनपुर

दो निर्दलीय भी उच्च सदन में

गाजीपुर – विशाल सिंह चंचल
वाराणसी – बृजेश सिंह

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