हाइड्रो पॉवर की ओर बढ़ते प्रदेश के कदम

सोलर एनर्जी के बाद हाइड्रो पॉवर से बढ़ी उम्मीदें

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पारम्परिक संसाधनों से बिजली उत्पादन और वितरण को बढ़ाने के बाद बिजली की मांग को पूरा करने के लिए यूपी सरकार ने हाइड्रोइलेक्ट्रिक की तरफ कदम बढ़ाये हैं। गौरतलब है कि यूपी में बिजली की जबर्दस्त किल्लत है। किल्लत के बावजूद यूपी के मुखिया अखिलेश यादव ने वर्ष 2016 की शरुआत से रोस्टर के हिसाब से जनता को बिजली देने का वायदा किया है। इस माहौल में हाइड्रोपॉवर विकल्प मददगार साबित हो सकता है और इसी विकल्प पर सरकार ने आगे बढऩे का साहस भी दिखाया है। सरकार ने हाइड्रोपॉवर की उन्नत तकनीक के जरिये बंद पड़े दो हाइड्रोपॉवर स्टेशन को पायॅलट प्रोजेक्ट के तौर पर अपनाया है। अगर यह पॉयलट प्रोजेक्ट कामयाब हो जाता है तो यकीन जानिये यूपी में हाइड्रो पॉवर प्लांट की बाढ़ सी आ जाएगी।
बुलंदशहर का पल्ला हाइड्रोपॉवर स्टेशन और अलीगढ़ का सुमैरा हाइड्रोपॉवर स्टेशन। यह वह दो स्थान है जहां से तीन महीने के भीतर पानी से बिजली बनना शुरू हो जायेगा। यह दोनों ही यूनिट उत्तर प्रदेश सरकार की वह कमजोर यूनिट है जो वर्षों से बंद पड़ी थीं। इन दोनों यूनिटों को एमओयू के जरिये यूपी सरकार से आलमाइटी हाइड्रोपॉवर ने अधिग्रहीत किया है। पल्ला में सात करोड़ रुपये की लागत और सुमैरा में 5 करोड़ रुपये की लागत से माडर्न इक्यूपमेंट लगाये जा रहे हैं। कंपनी का दावा है कि पल्ला में 1 मेगावाट और सुमैरा में 0.6 मेगावाट बिजली का उत्पादन होने लगेगा। हाइड्रोपॉवर कंपनी पिछले 15 वर्षों से विदेशों में इस तरह के कार्य को अंजाम देती आ रही है।
उन्नत तकनीक, कम दाम
जिन दो यूनिट को पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुना गया है यह दोनों ही यूनिट 1931 से बंद पड़ी थी। कंपनी यहां पर लेटेस्ट तकनीक के जरिये बिजली का उत्पादन करेगी। यहां यह बताना जरूरी है कि आलमाइटी कंपनी का दावा है कि उनकी तकनीक से जल प्रदूषण नाममात्र का भी नहीं होगा और बिजली उत्पादन करने वाली जगह पर पानी के जीव जैसे मछलियां और मेढक आदि पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे। कंपनी का यह भी तर्क है कि उनको पानी से बिजली बनाने के लिए बड़े डैम की आवश्यकता नहीं है बल्कि वह छोटी-छोटी नहरों के जरिये भी बिजली उत्पादन कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो निश्चित तौर पर हाइड्रो पॉवर एक बेहतर विकल्प के तौर पर सामने आ सकता है। क्योंकि बिजली उत्पादन में यूपी लगातार पिछड़ रहा है। उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग बेतहाशा इन्क्रीज हो चुकी है। मौजूदा समय में यूपी में 12 हजार मेगावाट बिजली की जरूरत है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए यूपी सरकार पूल के जरिये मंहगी बिजली खरीदती है और इसे घटी दरों पर यूपी वासियों को सप्लाई किया जाता है। इस पूरी एक्सरसाइज से बिजली विभाग पर करोड़ों रुपयों का अतिरिक्त भार पड़ता है और मांग जस की तस बनी रहती है। ऐसे मे जरूरी यह है कि यूपी दूसरे स्रोत्रों पर डिपेंड होने की बजाये खुद अपनी बिजली बनाए।
सोलर एनर्जी भी और हाइड्रोपॉवर भी
ध्यान रहे कि यूपी में सोलर एनर्जी प्रोडक्ट पर वैट माफ कर अपनी दूरगामी रणनीति की एक झलक दिखायी है। अखिलेश सरकार ने उत्तर प्रदेश सोलर सम्मिट में इस बात की घोषणा की। सीआईआई के बैनर तले आयोजित हुए इस सम्मिट में देश की 31 जानी मानी कंपनियों ने अपने-अपने उपकराणों को प्रदर्शित किया था। गौरतलब है कि हमारे देश के कुछ राज्य सोलर एनर्जी उत्पादक राज्य जैसे गुजरात 860 मेगावॉट, राजस्थान 667 मेगावॉट, महाराष्टï्र 237 मेगावॉट, मध्य प्रदेश 195 मेगावॉट, आंध्रप्रदेश 93 मेगावॉट, तमिलनाडु 32 मेगावॉट, कर्नाटक 31 मेगावॉट सोलर एनर्जी का प्रोडक्शन कर रहे हैं। देर आये दुरूस्त आये की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश ने भी इस दिशा में कदम आगे बढ़ा दिये हैं। बात अगर हाइड्रो पॉवर की करें तो उत्तर प्रदेश हाइड्रो बिजली हिमाचल प्रदेश से खरीदती है। गौरतलब है कि हाइड्रो प्रोजेक्ट से बिजली बनाने की दिशा में केन्द्र सरकार भी गंभीर है और उसने इस दिशा में एक ब्लू प्रिंट भी तैयार किया है। यूपी में हाइड्रो पॉवर की शुरूआत भी इसी दिशा का हिस्सा माना जा सकता है। अभी फिलहाल आलमाइटी जैसी एक कंपनी इस टास्क को करने के लिए तैयार हुई है। आगे अगर यह प्रोजेक्ट कामयाब हो जाते हैं तो दूसरी कई कंपनियां इस क्षेत्र में अपनी दस्तक दे सकती है।
क्या है उन्नत तकनीक
हाइड्रो टर्बाइन स्वयं के दबााव से पानी पर प्रेशर बनाएंगे जिससे बिजली बनेगी। शहीन अहमद कहते हैं कि हमे इस काम को अंजाम देने के लिए किसी भी प्रकार की दूसरी ऊर्जा की जरूरत नहीं है। पानी की हल्की धारा हमारे लिए काफी है। हम इनपुट के तौर पर पानी की हल्की धारा का इस्तेमाल करते हैं जिससे बिजली जनरेट होने लगती है। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की न तो सिल्ट जमा होती है और ही पानी के जीव जंतुओं को किसी प्रकार का खतरा होता है। यह तकनीक जीरो पाल्यूशन तकनीक है।

Pin It