हाँ डाक्टरों से ली गई थी घूस

सीएम के सांसद भाई समेत दो सांसदों और चार विधायकों
के सामने सीएमओ ने कहा…हाँ डाक्टरों से ली गई थी घूस

  • kh1खुलेआम डॉक्टरों से घूस लेने वाले सीएमओ पर मेहरबान हैं स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन
    सीएम के सामने कहते हैं कि
  • घूसखोरी नहीं होगी बर्दाश्त, मगर घूसखोरों को दे रहे हैं संरक्षण
  • सीएमओ को बचाकर डिप्टी सीएमओ को बलि का बकरा बनाने की तैयारी

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। इसे भ्रष्टïाचार की इंतहां नहीं कहेंगे तो भला और क्या कहेंगे। दो सांसदों और चार विधायकों के सामने बदायूं के सीएमओ ने स्वीकार किया कि प्राइवेट नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन के नाम पर डॉक्टरों से घूस ली गई थी और विधायक आबिद रजा के दखल के बाद यह घूस वापस कर दी गई थी। होना तो यह चाहिए था कि इस स्वीकारोक्ति के बाद दोषी अफसरों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करके उन्हें निलम्बित किया जाता। मगर जब सूबे के हेल्थ मिनिस्टर ही इन भ्रष्टïाचारियों पर मेहरबान हो तो भला इन घूसखोरों का कोई क्या बिगाड़ सकता है। हैरानी की बात यह है कि सीएमओ ने यह बात जिला निगरानी समिति की बैठक में कही। इस बैैठक की अध्यक्षता सीएम के सांसद भाई धर्मेन्द्र यादव कर रहे थे और बैैठक में सांसद धर्मेन्द्र कश्यप विधायक ओमकार सिंह, आबिद रजा, आशुतोष मौर्या, आशीष यादव तथा जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव और जिले के डीएम समेत तमाम अफसर मौजूद थे।

कार्रवाही नहीं हुई तो होगा आंदोलन – नूतन ठाकुर

सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने कहा है कि जिस प्रकार स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में बदायूं घूस कांड का संज्ञान आने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है वह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि इस घटना को नजीर के रूप में लेते हुए पूरे प्रदेश के नर्सिंग होम को दिए जा रहे लाइसेंस की जांच करानी चाहिए। वही मंत्री महोदय मामले को दबाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कार्रवाही न होने पर सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा आंदोलन किया जायेगा।

एमएलसी चयन में घमासान, जया को लेकर आजम नाराज

  • पैसे के दम पर संजय सेठ भी एमएलसी बनने की कतार में
  • नेताजी आज कर सकते हैं नाम फाइनल
  • पार्टी के वरिष्ठï नेता हो रहे हैं नाराज
  • आजम ने नहीं दिया किसी का भी नाम

संजय शर्मा
लखनऊ। विधान परिषद सदस्यों के नाम को लेकर समाजवादी पार्टी में घमासान मच गया है अमर सिंह कैंप जयाप्रदा को एमएलसी बनवाकर मंत्री बनवाने की तैयारियों में जुट गया है जिससे आजमखां बेहद खफा हो गए हैं और उन्होंने एमएलसी प्रत्याशी के किसी भी नाम देने को मना कर दिया है। सबसे चौंकाने वाला नाम संजय सेठ का आ रहा है।
शालीमार बिल्डर के मालिक संजय सेठ एमएलसी बनेंगे या नहीं ये तो भविष्य बतायेगा। मगर उनके नाम की चर्चाओं ने ही पार्टी के भीतर खलबली मचा दी है। पार्टी के वरिष्ठï नेताओं का कहना है कि पहले भी पार्टी पूंजीपतियों को राज्यसभा भेजकर बदनाम हो चुकी है। ऐसे में अगर फिर किसी पूंजीपति को एमएलसी बनाया गया तो कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जायेगा।
पार्टी में अमर सिंह फैक्टर को लेकर भी कम घमासान नहीं है। प्रो. रामगोपाल यादव और खुद सीएम नहीं चाहते कि अमर सिंह पार्टी में आएं। मगर शिवपाल यादव अमर सिंह के खासे करीबी हो गए हैं। वह पुरजोर तरीके से चाहते हैं कि अमर सिंह पार्टी में आ जाएं। शिवपाल यादव और रामगोपाल यादव के बीच शीतयुद्ध के खबरें भी आम हो गई हैं।
इस बीच अमर सिंह ने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के साथ अपने रिश्ते और मजबूत कर लिए हैं। मुलायम सिंह कई मौको पर अमर सिंह की सार्वजनिक रूप से तारीफ भी कर चुके हैं।
मगर इन सबके बीच किसी की हिम्मत नहीं पड़ रही कि वह
आजमखां की नाराजगी झेल सके। आजमखाँ और जयाप्रदा के बीच छत्तीस का आंकड़ा लम्बे समय से चल रहा है। आजमखां अमर सिंह पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि सपा मुखिया किस तरह बीच का रास्ता अपनाते हैं और विधान परिषद के लिए किन नामों पर हरी झण्डी देते हैं।

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