हर महीने की 15 तारीख को स्कूलों में लहरेगा तिरंगा

स्कूलों में महापुरुषों की कहानियां करेंगी बच्चों को जागरूक
देशप्रेम की भावना पर रहेगा जोर

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। देश के विश्वविद्यालयों में राष्ट्र विरोधी नारे विवाद का विषय बने हुए हैं। इस हालत को देखते हुए राज्य सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में हर महीने की 15 तारीख को राष्ट्र प्रेम दिवस मनाने का फैसला किया है।
महीने की हर 15 तारीख को स्कूल भवन पर तिरंगा फहराया जाएगा। इसके बाद बच्चों को महापुरुषों की प्रेरक कहानियां सुनाई जाएंगी। जिससे छात्रों के मन में देश प्रेम का विकास किया जा सके। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

सरकार कर रही है यूपी में नया प्रयोग
विद्यार्थियों में बचपन से ही राष्टï्र भक्ति की भावना भरने के लिए प्रदेश सरकार यह नया प्रयोग करने जा रही है। 15 अगस्त को देश आजाद हुआ था इसलिए बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में हर महीने की 15 तारीख को राष्टï्र प्रेम दिवस के रूप में मनाया जाएगा। प्रार्थना के बाद छात्रों से राष्ट्र भक्ति के नारे लगवाए जाएंगे।

बच्चे एक गीली मिटटी के समान होते हैं। शुरू में उन्हें जैसा ढाला जाए वह वैसे ही ढल जाते हैं। इसलिए राज्य सरकार ने राष्टï्र के प्रति प्रेम बढ़ाने और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें महापुरुषों की जीवनी से परिचय करवाने का मन बनाया है। इसके लिए शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों को विशेष तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। यही नहीं हर महीने राष्टï्र प्रेम दिवस के मौके पर हर बच्चों को हाथ धोने का महत्व भी समझाया जाएगा। इसके लिए स्कूल की दीवारों पर स्वच्छता संदेश लिखवाने का भी निर्देश दिया जा रहा है।
सूत्रों की माने तो यह सारी प्रक्रिया एक तरह से राजनीति दाव के आधार पर की जा रही है। यूपी में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। भाजपा यूपी में सरकार बनाने के लिए जोर आजमाइश कर रही है, तो वहीं यूपी की अखिलेश सरकार भाजपा को उसके ही तरीके से मात देने में लगी है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं पर भाषण देते हैं तो वे भाषण के पहले भारत माता की जय वन्दे मातरम का नारा लगाते हैं। अब सपा इसको को काटने के लिए यह सब अपना रही है।

शिक्षकों को अभिभावकों से करना होगा संपर्क
शासन की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्येक सोमवार को स्वास्थ्य दिवस और अभिभावक संपर्क दिवस का आयोजन किया जाएगा। बच्चों को स्वास्थ्य के बारे में विशेष जानकारियां दी जाएंगी। साथ ही अभिभावकों को स्कूल में बुलाकर उनके बच्चे के बारे में चर्चा की जाएगी। जिन अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा उनके सुझाव विवरण पंजिका में लिखे जाएंगे। इन निर्देशों को लागू करने की जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारी और प्रधानाध्यापकों को दी गई है।
इन सब नीतियों के लागू करने राज्य सरकार ने योजना तैयार कर ली है। कुछ जिलों में इसकी जानकारी पहुंच चुकी है तो कुछ को अभी तक इसकी सूचना मिलने का इंतजार है। वहीं इन योजनाओं से शिक्षक व अभिभावक खुश है। कुछ शिक्षकों व अभिभावकों का कहना है कि अब तक राजनीति से जनता को नुकसान उठाना पड़ता रहा है। लेकिन जाने अंजाने सरकार की इस योजना से देश का भविष्य जरूर उज्जवल होगा।

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