हर आतंकी घटना पर जिस ISI का नाम लेकर कोसते थे भाजपा नेता, उसी ISI को पठानकोट जाने दिया गया जांच करने, देश भर में विरोध

देश में पहली बार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के अफसर आतंकी घटना की जांच करने पहुंचे भारत
सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा कि चोर को ही दे दी गई रखवाली की जिम्मेदारी
मोदी सरकार के पाकिस्तान प्रेम पर लोग कर रहे हैं तीखी टिप्पणी

29 March  PAGE-114पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। देश भर में जब भी कोई बड़ी आतंकी घटना हुई है तब-तब भाजपा नेता एक सुर में उसके पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का नाम लेते नहीं थकते। मगर पठानकोट धमाके के बाद पाकिस्तान की जो टीम इसकी जांच करने आई है उसमें आईएसआई का भी अधिकारी शामिल है। आईएसआई के अधिकारी के भारत में आने और धमाके की जांच करने की खबर ने पूरे देश में लोगों में गुस्सा बढ़ा दिया है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने इसकी तीखी आलोचना करते हुये कई जगहों पर आईएसआई के खिलाफ प्रदर्शन किया है। सोशल मीडिया पर भी आईएसआई के अधिकारी के आने को लेकर लोगों में भयंकर नाराजगी सामने आ रही है।
पाकिस्तान की ज्वाइंट इनवेस्टीगेशन टीम आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पठानकोट पहुंच गयी है। पांच सदस्यों वाली इस टीम को टेक्निकल एरिया व बेहद गोपनीय स्थलों पर जाने की अनुमति नहीं दी गयी है। इन्हें उस जगह ले जाया जा रहा है, जहां से पाकिस्तानी आतंकी एयरबेस में घुसे थे। मालूम हो कि इस साल दो जनवरी को पठानकोट एयरबेस पर पाकिस्तानी आतंकियों ने हमला किया था।
यह टीम बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सडक़ मार्ग से अमृतसर से पठानकोट पहुंची है। इस टीम में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का भी एक सदस्य तनवीर अहमद शामिल हैं। इस कारण कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, शिवसेना नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा इन्हें आने की अनुमति देने का तीखा विरोध किया जा रहा है। झड़प की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा के बेहद कड़े बंदोबस्त किये गये है। कांग्रेस व आम आदमी पार्टी का सीधा सवाल है कि आखिर किस परिस्थिति में मोदी सरकार ने आईएसआई सदस्य को अपने देश आने की अनुमति दे दी है। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह तो आईएसआई सदस्य के भारत आने के खिलाफ विरोध जताने के लिए पठानकोट पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा है कि यह भारतीय सेना की शहादत का अपमान है। हालांकि रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर स्पष्ट कर चुके हैं कि पाकिस्तानी जांच टीम को सामरिक दृष्टिकोण से अति गोपनीय स्थल पर जाने की अनुमति नहीं दी जायेगी। उन्हें टेक्निकल एरिया भी नहीं जाने दिया जायेगा।

चार घंटे चलती ट्रेन से युवक को लटकाया और बेल्ट से पीटा

शर्मसार हुई इंसानियत, दो घूंट पानी पीने पर युवक के साथ हुई हैवानियत
तीन आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
युवक मदद के लिए लगाता रहा गुहार, तमाशबीन बने रहे यात्री

इटारसी। मध्य प्रदेश के इटारसी में एक युवक को ट्रेन की खिडक़ी से बांधकर पिटाई का सनसनीखेज और शर्मनाक वीडियो सामने आया है। इस शर्मनाक घटना का वीडियो वायरल होने से हडक़ंप मच गया है। युवक को ट्रेन की खिडक़ी से लटकाकर चार घंटे तक बेरहमी से पीटा गया क्योंकि उसने बिहार के युवकों में से किसी एक की बोतल से दो घूंट पानी पी लिया था। यह घटना इटारसी से जबलपुर के बीच हुई थी। यह ट्रेन पटना से लोकमान्य तिलक टर्मिनस जा रही थी।

क्या है मामला

सुमित काछी नामक पीडि़त युवक जबलपुर का रहने वाला है और वह मुंबई में नौकरी करता है। वह 25 मार्च को रात 11 बजे की ट्रेन से मुंबई जाने के लिए निकला था। जबलपुर स्टेशन पर पाटलीपुत्र लोकमान्य तिलक टर्मिनस ट्रेन में बैठ गया था। थोड़ी दूर ट्रेन चली थी कि गर्मी के कारण उसे तेज प्यास लगी और उसने किसी पैसेंजर की बोतल से थोड़ा पानी पी लिया। इस पर कुछ लडक़े विवाद करने खड़े हो गए। विवाद करने वाले लडक़ों ने ट्रेन की चेन खींच दी और युवक को रस्सी से बांधकर ट्रेन के बाहर लटका दिया। थोड़ी ही देर में ट्रेन चल दी और ट्रेन ने 100 की रफ्तार पकड़ ली। रात 11 बजे ट्रेन चलने के बाद हुए इस वाकये के बाद सुबह 4 बजे तक वह ट्रेन के बाहर लटका रहा। सभी आरोपी पटना के रहने वाले हैं और परीक्षा देने मुंबई जा रहे थे। जब पीडि़त युवक सुमित ने जीआरपी से शिकायत की तो उन्होंने घटना को मामूली समझ कर चलता कर दिया। उसके बाद विडीयो वायरल होने के बाद हडक़ंप मच गया। ताबड़तोड़ तीनों छात्रों की गिरफ्तारी हो गई। जीआरपी ने विक्की, रवि प्रसाद और बलराम प्रसाद को 323, 294, 34 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपी फिलहाल जेल में हैं।
मदद के लिए गुहार

जानकारी के मुताबिक वारदात 25 मार्च को रात को हुई। विडीयो में युवक खिडक़ी के बाहर पंजों से बंधा हुआ नजर आ रहा है। ट्रेन के इटारसी स्टेशन पर धीमे होते ही स्-2 बोगी से निकलकर दो लडक़े उसे बेल्ट से पीट रहे हैं। इटारसी स्टेशन से पहले भी यह ट्रेन जहां भी रुकती आरोपी बोगी से बाहर निकलकर उसकी पिटाई करते। वह युवक बार-बार बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा, लेकिन किसी भी यात्री की आंख नहीं खुली। इसके बावजूद स्टेशन पर इस युवक को प्रताडि़त करते देखते रहे और वीडियो बनाते रहे।

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