हरियाणा में सामान्य हो रहा जन-जीवन

कुछ इलाकों में हटाया गया कफ्र्यू,रेलमार्ग जल्द बहाल होने की उम्मीद

चंडीगढ़। हरियाणा में जाट समुदाय की आरक्षण की मांग की समीक्षा के लिए केंद्रीय मंत्री के अधीन एक समिति गठित करने की भाजपा की घोषणा के बाद आंदोलनकारियों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में नाकेबंदी हटानी शुरू कर दी है और हिंसाग्रस्त राज्य में जनजीवन आज फिर से सामान्य होता नजर आया।
कई दिनों तक जनजीवन अस्त व्यस्त रहने के बाद कैथल समेत कुछ शहरों में हालात सामान्य हो रहे हैं और अधिकारियों ने अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी स्थिति में आज उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद व्यक्त की है। अधिकारियों ने कैथल और इसके निकटवर्ती कस्बे कलायत से कल कफ्र्यू हटा लिया।
जाट आंदोलन के मुख्य केंद्र रोहतक में अब भी कफ्र्यू लगा हुआ है। वहां पिछले 24 घंटे के दौरान हिंसा और आगजनी की किसी घटना की सूचना नहीं मिली है। रोहतक के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आज कहा, ‘रोहतक में पिछले 24 घंटों में कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई और कल रात स्थिति शांतिपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि हालांकि रोहतक में कुछ स्थानों पर अब भी सडक़ पर नाकेबंदी है, दिन में हालात सुधरने की उम्मीद है। हिंसा और आगजनी की घटनाओं के बाद रोहतक, झज्जर, जींद, हिसार, हांसी, सोनीपत और सोनीपत के गोहाना कस्बे में कफ्र्यू लगाया गया था। यमुनानगर में सहानपुर-अंबाला, पोंटा साहिब-यमुनानगर, अंबाला-कैथल,सहारनपुर-पिपली-कुरक्षेत्र, जीकरपुर-परवाणू और लाडवा-शाहाबाद समेत कुछ राज्य राजमार्गों से कल रात नाकाबंदी हटा दी गई। अन्य इलाकों से मिली रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली-पानीपत राष्ट्रीय राजमार्ग से सडक़ नाकेबंदी हटाई जा रही है ताकि यातायात बहाल हो सके। रिपोर्ट के अनुसार कुरूक्षेत्र और झज्जर में भी नाकेबंदी हटा ली गई है। जाट आंदोलन के हिंसक हो जाने के बाद रोहतक और अन्य इलाकों में सार्वजनिक और निजी सम्पत्ति को बड़ा नुकसान हुआ है।

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